भूमि बिल और किसानों को मुआवजे के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी की सरकार विपक्ष के निशाने पर है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों केंद्र की नीतियों के खिलाफ गांव की गलियों में घूम रहे हैं, वहीं बीजेपी अध्यक्ष का कहना है कि मोदी सरकार पर कोई उंगली नहीं उठा सकता है.
गौरतलब है कि जल्द ही अपने कार्यकाल के एक साल पूरे करने वाली है. अमित शाह ने शनिवार को कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार 'भ्रष्टाचार मुक्त' सरकार है. उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि कोई भी बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार के कामकाज पर उंगली नहीं उठा सकता.
शाह ने कहा, 'एनडीए सरकार ने महंगाई कम की जबकि यूपीए सरकार के समय इस पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया था.' एनडीए सरकार के 'कॉरपोरेट समर्थक' होने के विपक्ष के आरोप नकारते हुए ने भरोसा दिलाया कि किसानों की जमीनें कौड़ियों के भाव अधिगृहीत कर कॉरपोरेट घरानों को नहीं दी जाएगी.
नशीले पदार्थ चिंता का विषय
शाह ने पंजाब में नशीले पदार्थों के सेवन की समस्या पर भी चिंता जताई और पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इससे प्रभावित हर एक युवा से संपर्क करें और उसे नशीले पदार्थों के सेवन की लत छोड़ने को कहें.
उन्होंने कहा कि केंद्र की किसानों और गरीबों के पक्ष में है और उसने ऐसे संकट के समय में उनकी मदद करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जब बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं.
भूमि अधिग्रहण विधेयक पर किसानों का समर्थन हासिल करने की कवायद के तहत शाह ने कहा, 'किसानों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा ताकि वे आगे की खेती के लिए बेहतर वैकल्पिक कृषि योग्य जमीन खरीद सकें.' किसानों की आशंका दूर करने के लिए शाह ने कहा, 'यह कहना गलत होगा कि किसान अपनी जमीन से वंचित हो जाएंगे और कॉरपोरेट घरानों के लिए उनकी जमीनें कौड़ियों के भाव खरीद ली जाएंगी.'
किसानों की समस्या पर शाह ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि में बर्बाद हुई फसल के लिए उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने किसानों को दिए जाने वाले ज्यादा मुआवजे, बीमा कवर और मुद्रा बैंक के जरिए आसान कर्ज जैसे कदमों के बारे में भी बताया.
-इनपुट भाषा से