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फारूक अब्दुल्ला को लेकर संसद में अमित शाह को 5 बार देनी पड़ी सफाई

लोकसभा में अनुच्छेद 370 और जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान आज कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के कई सांसदों ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को डिटेन किए जाने का मामला उठाया.

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गृह मंत्री अमित शाह (फाइल)
गृह मंत्री अमित शाह (फाइल)

लोकसभा में अनुच्छेद 370 और जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान आज कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के कई सांसदों ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को डिटेन किए जाने का मामला उठाया. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी फारूक अब्दुल्ला का मामला उठाते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला के बारे में कोई जानकारी नहीं है. इस मामले पर गृहमंत्री अमित शाह को संसद में 5 बार सफाई पेश करनी पड़ गई. अमित शाह ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला घर पर ही हैं. उनको न हिरासत में लिया गया है, न ही उनको कोई दिक्कत है.  

बार-बार फारूक अब्दुल्ला का मामला उठाए जाने पर अमित शाह को कहना पड़ा कि अगर वह नहीं आना चाहते हैं तो हम इसमें क्या कर सकते हैं. उनको जबरदस्ती तो यहां ला नहीं सकते कि उनकी कनपटी पर गन रख कर यहां पर लाएं. कई सांसदों ने कहा कि वह बीमार हैं. कुछ सांसदों ने कहा कि उनको आने नहीं दिया जा रहा है. इसे लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला एकदम ठीक हैं. अपने घर पर हैं. ना उनको डिटेन किया गया है ना उनको रोका गया है. वह अपनी मर्जी से यहां नहीं आ रहे हैं. तो इसमें हम क्या कर सकते हैं?

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वहीं कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने भी कहा कि फारूक अब्दुल्ला की तबीयत खराब है जिसके बाद अमित शाह को फिर बोलना पड़ा कि अगर उनकी तबीयत खराब है तो वह अस्पताल जा सकते हैं, डॉक्टरों को बुला सकते हैं. इसे लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी कहा कि अमित शाह को उनके लिए एक स्पेशल डॉक्टरों की टीम भिजवा देनी चाहिए.

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल को मंगलवार को लोकसभा में चर्चा के लिए रखा गया, जिसे सदन में वोटिंग के बाद पास कर दिया गया. बिल के पक्ष में 370 और विपक्ष में 70 वोट पड़े. बीते दिन वोटिंग के बाद उच्च सदन से इस बिल को मंजूरी मिल गई थी जिसके पक्ष में 125 और विपक्ष में 61 वोट पड़े थे.

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