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कटियार के मुसलमानों को PAK भेजने के बयान पर भड़के ओवैसी, कहा- उम्र हावी

कटियार पर निशाना साधते हुए सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ''मेरा मानना यह है कि यह वाहियात किस्म की बात की है. वह बहुत परेशान हैं. उम्र के इस पड़ाव पर आ चुके हैं कि सिर्फ इस तरह ही बातें कर सकते हैं. उनको लगता है कि शायद उनको मार्गदर्शन मंडल में डाल दिया जाएगा. इसलिए वह इस तरह की बातें कर रहे हैं.''

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असदुद्दीन ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी

मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने वाले बयान पर भड़के AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने BJP नेता विनय कटियार पर करारा हमला बोला है. कटियार पर निशाना साधते हुए सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ''मेरा मानना यह है कि यह वाहियात किस्म की बात की है. वह बहुत परेशान हैं. उम्र के इस पड़ाव पर आ चुके हैं कि सिर्फ इस तरह ही बातें कर सकते हैं. उनको लगता है कि शायद उनको मार्गदर्शन मंडल में डाल दिया जाएगा. इसलिए वह इस तरह की बातें कर रहे हैं.''

ओवैसी ने ऐसे कानून की मांग की, जिसमें किसी भी मुस्लिम को अगर पाकिस्तानी कहा जाए, तो ऐसा कहने वाले को तीन साल की कैद की सजा भुगतनी पड़े. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमान जन्म से ही नहीं, बल्कि चॉइस से भी हैं. अगर 70 साल के बाद भी हमको इस तरह के नारों से डराया जाता है और इल्जाम लगाया जाता है, तो यह बेहद गलत है. उन्होंने कहा कि भारत के विभाजन में हमारी कोई भूमिका नहीं रही है.

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उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जिन्ना के पैगाम को ठुकरा दिया था. औवैसी ने कहा कि हर वक्त हम पर इल्जाम लगा देना और हमेशा हमारी वफादारी पर शक करना पूरी तरह गलत है. आजतक के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, ''मैं तो यह भी मानता हूं कि मुसलमान ही बल्कि नॉर्थ ईस्ट के लोगों को भी गंदे तरीके से पुकारा जाता है. इनकी तौहीन की जाती है. उन्होंने कहा कि इसको रोकना जरूरी है.

ओवैसी ने कहा कि असम में मुसलमानों को बांग्लादेशी बोलते हैं. AIMIM प्रमुख ने सवाल उठाया कि आखिरकार यह कब तक चलेगा. अगर हमारा देश कानून से चलता है और यहां पर कानून का शासन है, तो फिर किसी पर उंगुली नहीं उठाई जा सकती है. उन्होंने कहा कि SC और ST के लिए कानून बनने से इनके खिलाफ अन्याय कम हुए हैं. ऐसे में मुसलमानों के लिए कानून बनाने से सरकार पीछे क्यों हट रही है.

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर ओवैसी ने कहा कि वह दिल्ली में कुछ और बोलते हैं और कश्मीर में कुछ और. ऐसे में उनके बारे में कुछ नहीं कह सकता. हरियाणा में कश्मीरी छात्रों को पीट दिया जाता है और वो उनकी खबर तक लेने नहीं जाते हैं. उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला की दिल्ली और कश्मीर में बयान बदल-बदल कर बोलने की आदत ही है.

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