संसद हमलों के गुनहगार के शव को परिवार को नहीं सौंपा जाएगा. सूत्रों के हवाले से खबर है कि कश्मीर घाटी के कानून व्यवस्था के मद्देनजर केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है. सूत्रों की माने तो केंद्र सरकार ने यह फैसला खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट पर लिया.
खुफिया रिपोर्ट में इस बात का अंदेशा जताया गया है कि अगर का शव सौंपा गया तो कश्मीर की कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है. सरकार ने इस खुफिया रिपोर्ट के आधार पर का शव नहीं सौंपने का फैसला किया है.
फांसी के बाद तिहाड़ जेल में दफनाए गये की पत्नी ने उसका शव सौंपने की मांग की थी. अफजल की पत्नी ने मांग की थी कि उसे शव सौंपा जाये ताकि उसे के गृह राज्य जम्मू कश्मीर में इस्लामी रीति रिवाज के तहत दफनाया जा सके.
गौरतलब है कि संसद हमलों के आरोपी था.