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22 साल का इंतजार पूरा, PAK दुल्हन को मिली हिंदुस्तानी नागरिकता

1994 में हिंदुस्तान से एक शख्स पाकिस्तान जाता है. वहां उसे मोहब्बत हो जाती है और वह अपने महबूब से निकाह कर उसे हिंदुस्तान ले आता है. इसके बाद शुरू होती है हिंदुस्तानी नागरिकता की लड़ाई, जो 22 साल तक खिंचती चली जाती है.

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मोहम्मद मुर्तुजा और अफशीन मुर्तुजा
मोहम्मद मुर्तुजा और अफशीन मुर्तुजा

आखिरकार भारत सरकार ने 22 साल बाद एक दुल्हन को भारतीय नागरिकता प्रदान कर ही दी. मामला उतर प्रदेश के रामपुर का है. अफशीन मुर्तुजा 1994 में पाकिस्तान के कराची शहर से ब्याह कर रामपुर आई थीं. दिलचस्प है कि यह खबर भी पाकिस्तानी सिंगर अदनान सामी को भारतीय नागरिकता मिलने के साथ ही सामने आई है.

ऐसे हुई थी शादी
रामपुर के मोहम्मद मुर्तुजा 1994 में ही अपनी रिश्तेदारी में मिलने पाकिस्तान गए थे. पाकिस्तान में उनकी मुलाक़ात ममेरी बहन अफशीन से हुई. फिर दोनों ने एक दूसरे का जीवनसाथी बनने का फैसला कर लिया. कराची में ही निकाह हो गया और तीन महीने का वीसा लेकर मुर्तजा अपनी दुल्हन को रामपुर ले आए.

22 साल में बदल गए 3 महीने
भले ही दोनों को जीवनसाथी बनने में सरहदें रुकावट न बन सकीं, पर रामपुर पहुंचने के बाद भारतीय नागरिकता लेने के लिए शरू हुई कानूनी प्रक्रिया 22 साल चली. अफशीन कई बार पकिस्तान भी गईं. यहां उनके तीन बच्चे भी हुए हालांकि अभी तक वह एलटीवी (लॉन्ग टर्म वीसा) पर थीं, लेकिन स्थायी नागरिकता न मिलने से असुरक्षा का भाव हमेशा जेहन में रहा.

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10 साल से PAK भी नहीं गईं
शादी होकर भारत आई अफशीन को यह मुल्क बहुत भाया. लेकिन भारतीय नागरिकता मांगने की प्रक्रिया में पाकिस्तानी पासपोर्ट जमा करने के चलते वह पिछले 10 साल से पाकिस्तान भी न जा सकीं, जहां बीमार मां उनके इंतजार में है. अब भारतीय नागरिकता मिलने के बाद वह बेहद खुश हैं. अब वह भारतीय नागरिक की हैसियत से आसानी से पकिस्तान जा सकेंगी.

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