राष्ट्रीय महिला आयोग को सशक्त बनाने की महिला बाल विकास मंत्री मेनका गांधी की मुहिम फिलहाल परवान चढ़ती नहीं दिख रही. मेनका इस संस्था में रिटायर जज या कम से कम कानून की डिग्री को अनिवार्य करने के पक्ष में हैं, लेकिन पार्टी और सरकार का बड़ा तबका इस पक्ष में नहीं है.
इस तबके की दलील है कि रिटायर जजों के लिए पहले ही कई संस्थाएं हैं और अब महिला आयोग में भी रिटायर जज बिठाए जाने लगे तो राजनैतिक कार्यकर्ताओं को कहां समायोजित किया जाएगा. ममता शर्मा का कार्यकाल खत्म होने के बाद से यह पद खाली है और सरकार जल्द ही इस पर नियुक्ति करना चाहती है.
सूत्रों के मुताबिक महिला आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी की ओर से तीन महिला नेत्रियों के नाम सुझाए गए हैं उनमें दिल्ली की पूर्व विधायक आरती मेहरा, महाराष्ट्र की शाइना एनसी और राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष सरोज पांडे का नाम शामिल हैं.
हालांकि इनमें से सरोज पांडे का नाम बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की नई टीम में महासचिव पद के लिए भी है. इसलिए संभावना है कि अगर पांडे महासचिव बनाई जाती हैं तो आरती मेहरा या शाइना एनसी में से किसी को महिला आयोग की कमान सौंपी जाएगी. इन दोनों में भी आरती मेहरा का नाम सबसे ऊपर है.