केंद्र सरकार राष्ट्रीय महिला आयोग को घरेलू हिंसा, पुलिस की बेपरवाही और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों में गिरफ्तारी, तलाशी और जब्ती के अधिकार देने पर विचार कर रही है. सरकार राष्ट्रीय महिला आयोग के अधिकार क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर को भी लाने पर विचार कर रही है.
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय ने एक कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है, जिसमें प्रस्ताव किया गया है कि राष्ट्रीय महिला आयोग के अधिकार क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर को भी लाया जाना चाहिए.
सूत्रों ने बताया कि घरेलू हिंसा, पुलिस की बेरुखी और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों में मंत्रालय ने प्रस्ताव रखा है कि राष्ट्रीय महिला आयोग को जांच करने, तलाशी लेने, जब्ती, वारंट जारी करने और गिरफ्तार करने के अधिकार दिए जाएं. पुलिस महानिदेशक रैंक का एक अधिकारी जांच में राष्ट्रीय महिला आयोग की मदद करेगा.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘अधिकार क्षेत्र के विस्तार का प्रस्ताव इस वजह से रखा गया है ताकि जम्मू-कश्मीर में महिला पीड़ितों को अपनी शिकायतों के समाधान का कोई मंच मिले.’ कैबिनेट नोट के मुताबिक, आयोग के पास सीआरपीसी के तहत दी गई कुछ शक्तियां भी होंगी.