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कुमार विश्वास बोले- वक्त के साथ राहुल गांधी में राजनीतिक परिपक्वता आई

गुजरात चुनाव में राहुल गांधी के प्रचार के आक्रामक तरीके पर जवाब देते हुए विश्वास ने कहा कि, ‘आज राहुल गांधी हर जगह जा रहे हैं, रैली कर रहे हैं और संवाद करने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही जब बीजेपी से जुमले आते हैं तो इधर से भी जुमले दिए जा रहे हैं यानी राहुल गांधी सीखने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए उन्हें मेरी शुभकामनाएं.’

कुमार विश्वास कुमार विश्वास

राजनीति में वक्त एक जैसा नहीं रहता. 2014 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी में आम आदमी पार्टी के टिकट पर ताल ठोंकने वाले कुमार विश्वास अब कह रहे हैं कि राहुल वक्त के साथ राजनीतिक तौर पर परिपक्व हो गए हैं. राहुल की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को नामांकन भरे जाने पर विश्वास ने उन्हें शुभकामनाएं दीं.                                                            

विश्वास ने कहा कि राहुल गांधी जिस गंभीरता के साथ गुजरात में चुनाव प्रचार कर रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि वक्त बीतने के साथ राहुल गांधी के अंदर राजनीतिक परिपक्वता आई है. बता दें कि विश्वास ने अमेठी में चुनाव लड़ते वक्त वंशवाद राजनीति को लेकर राहुल पर जमकर तंज कसे थे. ये वक्त की बात है कि आम आदमी पार्टी में अब खुद कुमार विश्वास के लिए परिस्थितियां बदल चुकी हैं.

विश्वास ने रविवार को ही ‘AAP 2.0’ लाने की बात कही है. राहुल के खिलाफ अतीत में की गई बयानबाजी के संबंध में सवाल पूछे जाने पर विश्वास ने कहा, ‘हमारे लिए कोई भी दल या नेता राजनीतिक विद्वेष का पात्र नहीं है. लेकिन हम राहुल गांधी से उम्मीद करते हैं कि अगर उन्हें देश की सबसे बड़ी पार्टी का नेता बनना है तो वह सड़क पर आए और संघर्ष करें. विश्वास ने कहा कि अमेठी में चुनाव लड़ने के वक्त बेशक उन्हे वोट कम मिले लेकिन बड़ी बात थी कि राहुल गांधी , उनकी मां और बहन को भी अमेठी में प्रचार के लिए उतरना पड़ा.

गुजरात चुनाव में राहुल गांधी के प्रचार के आक्रामक तरीके पर जवाब देते हुए विश्वास ने कहा कि, ‘आज राहुल गांधी हर जगह जा रहे हैं, रैली कर रहे हैं और संवाद करने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही जब बीजेपी से जुमले आते हैं तो इधर से भी जुमले दिए जा रहे हैं यानी राहुल गांधी सीखने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए उन्हें मेरी शुभकामनाएं.’

क्या गुजरात चुनाव में राहुल गांधी के प्रचार से कांग्रेस को फायदा होगा? इस सवाल का विश्वास ने जवाब दिया, ‘अगर गुजरात चुनाव में कांग्रेस की सरकार ना भी बने, लेकिन आज की तारीख में कांग्रेस को सामने से नेतृत्व देने वाला एक नेता तैयार हो रहा है जो किसी भी राजनीतिक दल के लिए शुभ संकेत है.’

हालांकि विश्वास ने राहुल की ताजपोशी पर शहजाद पूनावाला की ओर से उठाए गए सवाल पर चुटकी भी ली. विश्वास ने कहा, ‘यह सबको पता है कि अगर कांग्रेस संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरा करते हुए अपने नए अध्यक्ष का चुनाव करना चाहती है, जिसका नतीजा सब को पहले से ही पता है, तो उसमें कोई बुराई नहीं है.’

राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए 4 दिसंबर की तारीख बहुत अहम है. ऐसे में ये भी कम बड़ी बात नहीं कि उनके विरोधी भी शुभकामनाएं देते उनकी राजनीतिक परिपक्वता का नोटिस ले रहे हैं.

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