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कांग्रेस अध्यक्ष बनने में परनाना नेहरू और पिता राजीव से पीछे रहेंगे राहुल

राहुल गांधी ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया. वही देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के अगले मुखिया होंगे. 2004 में राजनीति की दहलीज पर कदम रखने वाले राहुल 13 साल बाद अब 47 साल की उम्र में कांग्रेस के अगले अध्यक्ष बनने जा रहे हैं.

फाइल फोटो फाइल फोटो

राहुल गांधी ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया. वही देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के अगले मुखिया होंगे. 2004 में राजनीति की दहलीज पर कदम रखने वाले राहुल 13 साल बाद अब 47 साल की उम्र में कांग्रेस के अगले अध्यक्ष बनने जा रहे हैं. राहुल युवा हैं लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष बनने वाले सबसे युवा नेताओं में राहुल गांधी अपने परनाना नेहरू और पिता राजीव गांधी से पीछे रह गए.

राहुल की मां सोनिया गांधी 1998 से पार्टी की कमान संभाले हुए हैं. यानी करीब दो दशक बाद पार्टी को नया अध्यक्ष मिलेगा. वे नेहरू-गांधी परिवार के छठे शख्स हैं जो अध्यक्ष बनने जा रहे हैं.

52 साल की उम्र में अध्यक्ष बनी थीं मां सोनिया

राहुल गांधी की मां सोनिया ने अपने पति राजीव गांधी की हत्या के बाद राजनीति में आने से इनकार कर दिया था, लेकिन पार्टी की लगातार गिरती छवि को देखते हुए उन्होंने 1997 में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की और 1998 में 52 साल की उम्र में वो पार्टी की अध्यक्ष बन गईं. वह इस तरह नेहरू-गांधी परिवार की 5वीं पीढ़ी के रूप में पार्टी की मुखिया बनीं. एक समय कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उनसे पूछे बिना ही उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा कर दी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया. हालांकि वह लगातार 19 साल से पार्टी की अध्यक्ष हैं.

इंदिरा की मौत के बाद अध्यक्ष बने राजीव

राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी का राजनीति में आना एक अप्रत्याशित घटना थी. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 1984 में निर्मम हत्या के बाद उनका राजनीति में आगमन हुआ और 1985 में वे कांग्रेस के अध्यक्ष बने. 41 साल की उम्र में वह आज़ादी के बाद कांग्रेस के सबसे युवा अध्यक्ष बने. उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार की बतौर चौथी पीढ़ी पार्टी की कमान संभाली

पं. नेहरू थे सबसे युवा अध्यक्ष

पंडित जवाहर लाल नेहरू के नाम 132 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष होने का दर्जा हासिल है. वह पहली बार 1929 में कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में अध्यक्ष बने तब उनकी उम्र 40 साल थी. वह कुल 8 बार (1930, 1936, 1937, 1951, 1952, 1953 और 1954) कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए. वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले नेहरू-गांधी परिवार के दूसरी पीढ़ी के नेता थे.

सबसे बुजुर्ग अध्यक्ष थे मोतीलाल नेहरू

नेहरू-गांधी परिवार की अब तक की चार पीढ़ी से 5 लोग 1885 में स्थापित कांग्रेस अध्यक्ष पद पर आसीन हो चुके हैं. पार्टी के इतिहास के आधार पर देखा जाए तो इस परिवार से अध्यक्ष बनने वाले मोतीलाल नेहरू पहले सदस्य थे. 1919 में कांग्रेस के अमृतसर अधिवेशन में अध्यक्ष बनने के समय उनकी उम्र 52 साल थी. 1928 में वह दूसरी बार कोलकता अधिवेशन में भी अध्यक्ष बने. इसके अगले साल यानी 1929 में उनके बेटे जवाहर ने इस विरासत की शुरुआत की.

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