शहर के चाहे विपक्षी पार्टी के विधायक हों या सत्तारूढ़ दल के विधायक हर एक की संपत्ति पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार दोगुनी तक पहुंच गई है और कोई भी प्रत्याशी करोड़पति से कम नही है.
यहीं नहीं, जो प्रत्याशी पहली बार इस चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं या पिछला चुनाव हार गये थे और इस बार दोबारा किस्मत आजमा रहे हैं उनकी संपत्ति में भी काफी इजाफा हुआ है. जिला निर्वाचन कार्यालय में नामांकन के समय प्रत्याशियों को अपना और अपनी पत्नी की संपत्ति के ब्यौरे के रूप में एक हलफनामा देना होता है. निर्वाचन कार्यालय में इन प्रत्याशियों ने अपनी संपत्ति का जो ब्यौरा जमा किया है उसका मिलान पिछले चुनावों की संपत्ति से करें तो यह लगभग दोगुनी तक पहुंच गयी है.
अभी तक कैंट के भाजपा विधायक और अब महाराजपुर से अपनी किस्मत आजमा रहे पूर्व मंत्री सतीश महाना की ही बात करें तो वर्ष 2007 के चुनावों में उन्होंने अपनी संपत्ति का जो ब्यौरा दिया था उसके अनुसार उस समय उनकी कुल संपत्ति तीन करोड़ 69 लाख 99 हजार 62 रुपये थी जो अब बढ़कर 2012 में सात करोड़ 26 लाख 44 हजार 477 रुपये हो गयी है. वर्ष 2007 में उनके पास सात लाख 94 हजार 560 रुपये के सोने चांदी के जेवर थे जो पांच साल बाद बढ़कर 60 लाख 5 हजार 903 रुपये के जेवर हो गये है.
इसी तरह महाना की चल और अचल संपत्ति में काफी इजाफा हुआ है. जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रत्याशियों के हलफनामे से मिली जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी के आर्यनगर से विधायक इरफान सोलंकी जो इस बार सीसामउ से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, उनकी संपत्ति में भी काफी इजाफा हुआ है.
सपा विधायक इरफान के वर्ष 2007 में दिए गए अपनी संपत्ति के ब्यौरे के अनुसार उनके पास 92 लाख 98 हजार 709 रुपये की संपत्ति थी जो पिछले पांच वर्ष में बढ़कर अब तीन करोड़ 61 लाख 33 हजार 364 हो गयी है. मौजूदा समय में इरफान के पास 28 लाख 76 हजार 900 रुपये की चल और दो करोड़ 80 लाख 31 हजार रुपये की अचल संपत्ति है इसी तरह उनकी पत्नी के पास 10 लाख रूपये की चल संपत्ति व 39 लाख 75 हजार रुपये की अचल संपत्ति है. इरफान और उनकी पत्नी ने पिछले पांच सालो में जमीन और भूखंड खरीदकर अपनी संपत्ति में भारी इजाफा किया है.
वर्ष 2007 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर घाटमपुर से विधायक बने राम प्रकाश कुशवाहा इस बार बिठूर विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनकी संपत्ति में भी पिछले पांच साल में काफी इजाफा हुआ है.
निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2007 में उनकी कुल संपत्ति 66 लाख 66 हजार रूपये के करीब थी जो पांच साल में बढकर अब दो करोड़ 84 लाख 19 हजार रूपये हो गयी है. बीते पांच वर्ष में कुशवाहा की पत्नी के पांच किलो चांदी के जेवर भी बढ़े हैं.
वर्ष 2007 में सरसौल से सपा की विधायक रही अरुणा तोमर इस बार महाराजपुर से सपा के टिकट पर मैदान में है और पिछले पांच सालों में उनकी संपत्ति दो गुने से अधिक बढ़ गयी है. पांच साल पहले उनकी कुल संपत्ति दो करोड़ 17 लाख 75 हजार रूपये थी जो अब बढ़कर चार करोड़ 48 लाख 15 हजार रुपये हो गयी है. पांच वर्ष में उन्होंने व उनके परिजनों ने करीब 18 किलो चांदी भी खरीद कर अपनी संपत्ति मे शामिल की है.
इसी तरह बहुजन समाज पार्टी के बिल्हौर से 2007 में विधायक चुने गये कमलेश दिवाकर इस बार फिर बिल्हौर से ही पार्टी के उम्मीदवार है और पांच साल पहले जहां उनके पास 71 लाख 50 हजार रूपये की संपत्ति थी वह अब बढ़कर एक करोड़ 39 लाख 92 हजार की हो गयी है.
इस बीच बसपा प्रत्याशी दिवाकर के पास सोने चांदी के जेवर तीन गुना तक बढ़ गये हैं. इसी तरह गोविंदनगर से कांग्रेस विधायक अजय कपूर जो इस बार किदवई नगर से अपनी किस्मत आजमा रहे है उनकी संपत्ति 2007 में पांच करोड़ 11 लाख रुपये थी जो अब बढ़कर आठ करोड़ 23 लाख रूपये से अधिक हो गयी है.
इसी तरह पिछले चुनाव में जनरलगंज से विधायक रहे भाजपा के सलिल विश्नोई इस बार आर्यनगर से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. उनकी संपत्ति 2007 में एक करोड़ 21 लाख रुपये थी जो अब बढ़कर दो करोड़ 40 लाख 96 हजार पहुंच गयी है.
कल्याणपुर से भाजपा की विधायक प्रेमलता कटियार जो इस बार फिर उसी क्षेत्र से अपनी किस्मत आजमा रही हैं, की पांच साल पहले संपत्ति एक करोड़ 26 लाख रुपये थी वह अब बढ़कर एक करोड़ 68 लाख 91 हजार रूपये तक पहुंच गयी है.
यहीं नहीं इन विधानसभा चुनावों में पहली बार मैदान में उतरे कई प्रत्याशी भी करोड़पति से कम नहीं है. किदवईनगर से भाजपा के टिकट पर पहली बार चुनाव लड़ रहे विवेकशील शुक्ला छह करोड़ 38 लाख रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, तो आर्यनगर से पहली बार कांग्रेस के टिकट पर किस्मत आजमा रहे अनिल शर्मा तीन करोड़ 76 लाख रुपये की संपत्ति के मालिक है.
इसी तरह गोविंदनगर से सपा के टिकट पर पहली बार चुनाव मैदान में उतरे अशोक अंशवानी की संपत्ति भी दो करोड़ 63 लाख रुपये है. वहीं बसपा के टिकट पर महाराजपुर से पहली बार मैदान में उतरी एनएआरएम घोटाले में बसपा मंत्रिमंडल से हटाये गये पूर्व मंत्री अनंत मिश्रा की पत्नी शिखा मिश्रा भी करीब दो करोड़ 86 लाख रुपये की संपत्ति की मालकिन हैं. निर्वाचन आयोग से प्राप्त यह आंकड़े सिर्फ करोड़पति प्रत्याशियों के हैं. लाखों रुपये की संपत्ति रखने वाले प्रत्याशियों की संख्या तो काफी अधिक है.