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शिकारी संसार चंद की याचिका न्यायालय में खारिज

उच्चतम न्यायालय ने कुख्यात शिकारी संसार चंद की याचिका खारिज कर दी.

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उच्चतम न्यायालय ने कुख्यात शिकारी संसार चंद की याचिका खारिज कर दी.

चंद ने अपनी याचिका में वन्यजीवों के शरीर के हिस्सों की तस्करी के मामले में खुद को दोषी ठहराए जाने और पांच साल की सजा सुनाए जाने को चुनौती दी थी.

राजस्थान उच्च न्यायालय ने चंद को 2003 में भीलवाड़ा में जानवरों के दांत, त्वचा, नाखूनों और दूसरे भागों की तस्करी का दोषी ठहराया था. चंद ने इस फैसले के खिलाफ न्यायालय में अपील दायर की थी.

न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू और न्यायमूर्ति टी एस ठाकुर की खंडपीठ को चंद की याचिका में कोई दम नहीं नजर आया. चंद पर वन्यजीव अधिनियम के तहत दर्जनों मामले दर्ज हैं.

इस महीने की शुरूआत में चंद के मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने बाघों और तेंदुओं की त्वचा की तस्करी पर उसकी निंदा करते हुए कहा था कि वह दिन दूर नहीं, जब मनुष्य की त्वचा भी बिकने लगेगी.

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न्यायालय ने कहा था, ‘आप बाघों और तेंदुओं की त्वचा बेच रहे हो. कल आप मनुष्यों की त्वचा भी बेचने लगोगे. इस तरह तो देश से बाघों और तेंदुओं की आबादी खत्म ही हो जाएगी. सरिस्का में एक भी बाघ नहीं बचा है.’

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