भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध सुधारने के इच्छुक पीसीबी के नये अध्यक्ष जाका अशरफ ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो बोर्ड गतिरोध खत्म करने के लिए बोर्ड पहला कदम उठाते हुए राष्ट्रीय टीम को सीमा पार भेजने के लिए तैयार है.
अशरफ ने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि हमारे पारंपरिक द्विपक्षीय रिश्ते जल्द से जल्द सुधरें और इसके लिए अगर हमें पहले अपनी टीम भारत भेजनी पड़े तो हम ऐसा करेंगे.’ पीसीबी अध्यक्ष को उम्मीद है कि ईद के अवकाश के बाद दुबई में आईसीसी, बीसीसीआई और बांग्लादेश के क्रिकेट अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक सकारात्मक रहेगी.
अशरफ ने कहा, ‘मैं पाकिस्तान टीम खिलाड़ियों और अधिकारियों से मिलने दुबई जा रहा हूं और बैठक के लिए 13 तारीख को आईसीसी मुख्यालय भी जाऊंगा जिसमें भारतीय और बांग्लादेश बोर्ड के अधिकारियों के साथ बातचीत की उम्मीद है.’ अशरफ के पूर्ववर्ती एजाज बट की सबसे अधिक आलोचना इस बात के लिए हुई थी कि वह अन्य बोर्ड विशेषकर भारत और बांग्लादेश के साथ संबंध सुधारने में विफल रहे. वर्ष 2009 में 2011 विश्व कप के मैच पाकिस्तान से स्थानांतरित होने के बाद से इन बोर्ड के साथ पीसीबी के रिश्ते काफी अच्छे नहीं रहे.
अशरफ ने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच पारंपरिक सीरीज शुरू करना अहम है क्योंकि यह विश्व क्रिकेट का बड़ा आकषर्ण है और दोनों बोडरें के लिए अच्छी कमाई की गारंटी है. इससे उप महाद्वीप में खेल को फायदा भी होगा. आईसीसी के भविष्य दौरा कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान को अगले साल मार्च में भारत का दौरा करना है और अशरफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान को भारत जाकर खेलना पड़ा तो व ऐसा ही करेंगे.
भारत ने 2008 में मुंबई आतंकी धमाके के बाद से पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट रिश्ते तोड़ दिये थे. अशरफ ने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने 2003 में एहसान मनी को आईसीसी अध्यक्ष नामित किया था इसलिए अब बांग्लादेश बोर्ड चाहता है कि अगले कार्यकाल पर उसका नामित व्यक्ति आईसीसी अध्यक्ष बने.