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कोयला घोटाले से ध्‍यान हटाना चाहती है कांग्रेस:BJP

कोयला ब्लॉक आवंटन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के त्यागपत्र और कोयला ब्लॉक का आवंटन रद्द करने की मांग पर जोर देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि कांग्रेस संसद में बहस करने के लिये इसलिए जोर दे रही है ताकि बहस के बहाने वह इस घोटाले से ध्यान हटा सके.

रविशंकर प्रसाद रविशंकर प्रसाद

कोयला ब्लॉक आवंटन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के त्यागपत्र और कोयला ब्लॉक का आवंटन रद्द करने की मांग पर जोर देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि कांग्रेस संसद में बहस करने के लिये इसलिए जोर दे रही है ताकि बहस के बहाने वह इस घोटाले से ध्यान हटा सके.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस इस समूचे मामले में संसद में बहस कर इसे समाप्त कराना चाहती है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम ही यह है कि पहले भ्रष्टाचार करो फिर भ्रष्टाचार को छिपाओ और यदि ऐसा नहीं कर पाओ तो उसे दबाओ और यदि ऐसा नहीं हो सके तो उसे भ्रामक बनाने की कोशिश करो और ऐसा भी नहीं कर पाओ तो आरोप लगाने वालों पर ही उंगली उठा दो.

भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाते हुए प्रसाद ने कहा कि 2जी घोटाले में तो वह अपने गठबंधन सहयोगी के मंत्रियों का इस्तीफा ले लेती है, जबकि वह अपने प्रधानमंत्री और मंत्रियों को बचाती है.

उन्होंने कहा कि 2जी घोटाले को लेकर विपक्षी पार्टियों द्वारा बनाये गये दबाव के चलते कांग्रेस ने डीएमके के ए राजा और दयानिधि मारन से त्यागपत्र ले लिये थे, लेकिन अब वही कांग्रेस न केवल प्रधानमंत्री को बचा रही है बल्कि अन्य घोटालों के लिये अपने मंत्रियों का भी बचाव कर रही है.

यह पूछे जाने पर कि यदि प्रधानमंत्री इस्तीफा देने की भाजपा की मांग नहीं मानते हैं तो उनकी क्या रणनीति रहेगी, प्रसाद ने कहा कि हम प्रधानमंत्री पर इस्तीफा देने का दबाव बनाते रहेंगे और हमें उम्मीद है कि वे इस पर विचार करेंगे और यदि ऐसा नहीं होता है तो संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी को जवाब देना होगा.

सोनिया गांधी द्वारा लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से शनिवार को फोन पर की गयी बातचीत के बारे में पूछे जाने पर प्रसाद ने कहा कि सुषमा स्वराज ने इस बातचीत में कोयला ब्लॉक आवंटन रद्द करने का सरकार का इरादा दिखाने और समूचे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग ही दोहरायी थी.

उन्होंने इस बात से स्पष्ट इंकार किया कि भाजपा शासित राज्यों छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान या राजस्थान की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने कोल ब्लॉक आवंटन की नीलामी का विरोध किया था.

उन्होंने कहा कि इन लोगों ने सरकारी बिजली बोर्ड को प्राथमिकता के आधार पर कोयला देने तथा नीलामी के जरिये प्राप्त होने वाली राशि में से राज्यों को उनका हिस्सा देने की बात ही कही थी.

गुजरात में भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री माया कोडनानी को न्यायालय द्वारा सुनायी गयी सजा के बारे में पूछे जाने पर प्रसाद ने कहा कि ऐसा कहा जाता रहा है कि गुजरात में न्याय नहीं हो सकता लेकिन उनकी इस सजा से यह धारणा समाप्त हो गयी हैं.

गुजरात दंगों को लेकर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधे जाने को गलत बताते हुए प्रसाद ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उनके खिलाफ छह बार विशेष जांच दल का गठन किया गया, लेकिन किसी ने उन्हें दंगों के लिये दोषी नहीं माना.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुजरात दंगों की बात तो करती है, लेकिन वर्ष 1984 में दस हजार से अधिक मारे गये सिखों के बारे में खामोश रहती है.

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