scorecardresearch
 

PMO ने किया था नीलामी का विरोधः सुषमा स्वराज

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने एक बार फिर कोयला ब्लॉक आवंटन मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. इसके साथ उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि कोलगेट मुद्दे पर भाजपा प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर बनी हुई है.

सुषमा स्वराज सुषमा स्वराज

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने एक बार फिर कोयला ब्लॉक आवंटन मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. इसके साथ उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि कोलगेट मुद्दे पर भाजपा प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर बनी हुई है.

उन्होंने कहा कि संसद चलने देने के लिए मैंने दो शर्तें रखी हैं. अगर मेरी मांगे मानी जाएंगी तो संसद को चलने दिया जाएगा.

कोयला ब्लॉक आवंटन मुद्दे पर सुषमा स्वराज ने कहा, 'यूपीए सरकार ने नीति की आड़ लेकर देश की संपत्ति को लुटाया. कैग रिपोर्ट में जिस तरह के आंकड़ें सामने आएं हैं, प्रधानमंत्री को देश को बताना होगा कि यह घाटा कैसा हुआ.'

उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि नीलामी की नीति को लागू में जानबूझकर देरी की गई और इस दौरान कोल ब्लॉक आवंटित किए गए जिसके कारण यह घोटाला हुआ.

उन्होंने पार्टी की मांग को दोहराते हुए कहा कि सभी आवंटित कोल ब्लॉक रद्द किए जाने चाहिए. इस घोटाले की न्यायिक जांच होनी चाहिए और इस मुद्दे पर पीएम को इस्तीफा देना होगा.

इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष ने खुलासा किया कि कोयला मंत्रालय के सचिव द्वारा 28 जून 2004 को सुझाई गई नीलामी की नीति का पहला विरोध खुद प्रधानमंत्री कार्यालय ने 11 सितंबर 2004 को किया था.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें