सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने दावा किया कि भ्रष्टाचार को अब ज्यादा समय तक अनदेखा नहीं किया जा सकेगा और कहा कि अब ‘आम आदमी’ की आवाज सुनी जानी चाहिये. उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार द्वारा मांगे पूरी किये जाने तक अन्ना हजारे और उनकी मुहिम को जनता का समर्थन जारी रहेगा.
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जन लोकपाल के लिये अनशन कर रहे गांधीवादी अन्ना हजारे को समर्थन जताने के लिये हेगड़े बेंगलूर से दिल्ली आये और रामलीला मैदान में अन्ना के अनशन स्थल पर पहुंचकर घोषणा की कि जब तक अन्ना जी का अनशन चलेगा, वह उनके साथ हैं.
लोकपाल संयुक्त मसौदा समिति के एक सदस्य हेगड़े ने कहा कि हजारे प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति से उनकी कुर्सी नहीं मांग रहे हैं बल्कि वह केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ और इसके तरीकों से निपटने के लिये एक सशक्त लोकपाल हेतु संघर्ष कर रहे हैं.
हेगड़े ने कहा कि कर्नाटक लोकायुक्त पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वह अब आराम का जीवन बिताना चाह रह थे लेकिन अन्ना के आह्वान और हजारों लोगों के समर्थन को देखकर उनसे रहा नहीं गया और वह दिल्ली आ गये.
उन्होंने कहा कि हमारे नेता लगातार कहते हैं कि देश की जनता सर्वोच्च है लेकिन वास्तविकता यह है कि जनता की बजाय वह खुद सबसे महत्वपूर्ण बन गये हैं. लोकसेवक सर्वोच्च हो गये हैं. वास्तविक लोकतंत्र ‘आम आदमी’ तक नहीं पहुंच पाया है. उनकी आवाज निश्चित रूप से सुनी जानी चाहिये.