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ब्याज दरें और बढ़ीं तो आर्थिक वृद्धि नरम पड़ेगी: मूडीज

बाजार अनुसंधान फर्म मूडीज ने कहा है कि रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरें और बढ़ायी गयीं तो चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर नरम पड़ने की संभावना है.

बाजार अनुसंधान फर्म मूडीज ने कहा है कि रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरें और बढ़ायी गयीं तो चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर नरम पड़ने की संभावना है.

मूडीज ने हालांकि कहा कि सकल मुद्रास्फीति आगामी महीनों में करीब 9 प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद है.

मूडीज के विश्लेषकों ने ‘हायर रेट्स स्लो इंडियन ग्रोथ’ शीर्षक से लिखे लेख में कहा है, ‘भारत के नीति निर्माता संकेत दे रहे हैं कि मुद्रास्फीति को नीचे लाने के लिए दरें बढ़ाई जा सकती हैं. इससे साल के अंत तक वृद्धि दर में नरमी आएगी.’ अनुसंधान फर्म ने इससे पहले, भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2011.12 में 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था, जबकि पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि 8.5 प्रतिशत थी.

मूडीज ने कहा, ‘प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 8.2 प्रतिशत कर दिया है जो हमारे 8.2 प्रतिशत के अनुमान के बराबर है.’ पिछले सप्ताह जारी आर्थिक परिदृश्य में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने देश की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 8.2 प्रतिशत कर दिया, जबकि सरकार ने अपने बजट पूर्व सर्वेक्षण में 9 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान जताया था.

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