अफगानिस्तान से लगी सीमा पर उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के हमले को लेकर जारी गतिरोध के बीच पाकिस्तान ने अमेरिकी जांच में सहयोग करने से इंकार कर दिया है. यह जानकारी अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से दी गई है.
रक्षा विभाग के प्रवक्ता जॉर्ज लिटल ने इस हमले को अमेरिका-पाक आतंकवाद निरोधी सहयोग के लिए अवरोधक करार देते हुए कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान से जांच में सहयोग का आग्रह किया था, लेकिन पाकिस्तान ने सहयोग न करने का निर्णय लिया है.
इस घटना को लेकर अमेरिका-पाकिस्तान के सम्बंध अबतक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. अमेरिकी और पाकिस्तानी दोनों अधिकारियों ने कहा है कि पिछले शनिवार को हुए इस हवाई हमले से पहले दोनों पक्षों के बीच सम्पर्क हुआ था, लेकिन वे दोनों उस बातचीत का विवरण अलग-अलग दे रहे हैं.
समाचार पत्र, 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' में शुक्रवार को जारी रपट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तानी सैनिकों ने हमले की अनुमति दी थी. सीएनएन ने भी दो अनाम अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि अमेरिकी सैनिकों ने पाकिस्तानी अधिकारियों से इस कार्रवाई से पहले जानकारी नहीं दी थी, क्योंकि उन्होंने सोचा था कि यह हमला पूरी तरह अफगानिस्तान की सीमा के अंदर होगा.
सीबीएस ने पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के हवाले से कहा है कि अमेरिकी अधिकारियों ने सीमा पर आतंकवादियों पर हमले करने के लिए इलाके को खाली कराने के लिए पाकिस्तानी सैनिकों को गलत स्थान बताया था.