पार्टी से निष्कासित सपा नेता अमर सिंह ने गुरुवार को आरोप लगाया कि दल के नेताओं ने कूड़ेदान की तरह उनका इस्तेमाल किया और नेतृत्व को अपने निर्णयों से जो करारे झटके लगे उसका दोष भी उनके ही माथे मढ़ दिया गया.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सपा में मेरा सफर कूड़ेदान की तरह रहा और मुझे कूड़ा कहा गया.’’ भाजपा के पूर्व नेता कल्याण सिंह की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने सहित पार्टी ने जो निर्णय लिये और उसकी जो कीमत चुकानी पड़ी सारा दोष उनके मत्थे मढ़ दिया गया. उन्होंने दावा किया कि अधिकतर निर्णय पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव और उनके भाई रामगोपाल यादव ने लिये.
सिंह ने कहा, ‘‘अब उन निर्णयों के लिए मुझे दोष दिया जा रहा है. मैं क्षत्रिय हूं. उनके गलत निर्णयों की जवाबदेही लेने को मुझे कहा गया होता तो मैंने उसे मान लिया होता. लेकिन जो कुछ भी गलत हुआ उसका दोष मेरे माथे मढ़ने की साजिश हो रही है.
सपा से निष्कासित नेता ने कहा कि पार्टी में यह प्रचलन हो गया है कि जिसे भी चुनावी टिकट नहीं मिलता वह मुझे दोष देने लगता था कि जिसने टिकट पाया मैंने उसके पक्ष में उसका चुनावी पत्ता कटवाया है. गौरतलब है कि अमर सिंह को लेकर सपा में विवाद बहुत बढ़ गया था. पार्टी में बयानबाजी और छींटाकशी होने लगी थी अंतत: सिंह को समाजवादी पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय किया गया.