भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रविवार को देहरादून में अपने बचपन की मित्र साक्षी सिंह रावत से विवाह करने के बाद बुधवार को अपने 29वें जन्मदिन के मौके पर सैकड़ों समर्थकों के स्वागत के बीच सपत्नीक अपने घर पहुंच गए.
धोनी और उनकी पत्नी का उनकी मां और बहन ने आरती के साथ स्वागत किया. धोनी ने गुलाबी टीशर्ट और काली जींस पहनी थी जबकि साक्षी ने सफेद सलवार सूट और धानी रंग की चुनरी पहन रखी थी. वे हवाई अड्डे से भारी सुरक्षा के बीच लालबत्ती लगी अपनी क्वालिस गाड़ी में सीधे घर पहुंचे.
मां देवकी देवी और बहन जयंती ने घर में आई नयी दुल्हन साक्षी और धोनी की आरती उतारी और उत्तराखंड की परंपरा के अनुसार दुल्हा दुल्हन को घर के भीतर ले गई. हरमू रोड स्थिति धोनी के आवास के बाहर उनकी एक झलक पाने के लिए खड़े सैकड़ों प्रशंसकों और दर्जनों मीडियाकर्मियों को एक बार फिर निराशा का सामना करना पड़ा. भारतीय कप्तान ने हवाई अड्डे पर भी किसी को अपनी झलक नहीं दिखाई.
धोनी की गाड़ी उनकी सुरक्षा में लगी पायलट गाड़ी के पीछे पीछे चलते हुए सीधे घर के अंदर प्रवेश करने के बाद ही रुकी. मीडियाकर्मी इस बीच धोनी और उनके परिवार की तस्वीरें खींचने के लिए आसपास के घरों की छत पर चढ़ गये लेकिन उनके परिजनों ने इसकी परवाह किये बगैर दूल्हे और दुल्हन के स्वागत से जुड़ी सारी रस्में पूरी की. {mospagebreak}
धोनी जिस क्वालिस गाड़ी में अपनी पत्नी साक्षी के साथ बैठे थे उसमें उनका साला अक्षय रावत भी मौजूद था धोनी और साक्षी की एक झलक पाने के लिए सुबह से ही सैकड़ों लोग उनके घर के बाहर जुटने लगे थे जिसे देखते हुए सुरक्षा के जबर्दस्त इंतजाम किये गये थे और किसी को भी उनके घर के आसपास फटकने की इजाजत नहीं थी.
घर के भीतर नवदंपति के स्वागत की रस्म विधि विधान से पूरी होने के बाद लगभग ढाई बजे धोनी अपनी पत्नी साक्षी के साथ छत पर पहुंचे और वहां से उन्होंने घर के बाहर खड़े प्रशंसकों और मीडिया कर्मियों को विवाह के बाद पहली बार अपनी झलक दिखाई.
छत से धोनी और सिर पर दुपट्टा डाले साक्षी ने लोगों का हाथ हिलाकर अभिवान स्वीकार किया. अपनी पत्नी के साथ पहली बार रांची में अपने घर पहुंचे धोनी लोगों के सामने आने में शर्माते दिखे. जैसे ही उनकी पत्नी ने लोगों को अपना दुपट्टा ठीक करते हुए दीदार कराया, धोनी उसे लेकर पीछे मुड़े और घर में चले गये. {mospagebreak}
अपनी पसंदीदा रांची की जोड़ी नंबर वन को देखकर घर के बाहर खड़े लोग धोनी-धोनी की आवाज लगा रहे थे. लोगों ने जोर-जोर से आवाज लगाकर धोनी को जन्मदिन की शुभकामना दी और एक बार फिर बाहर आने को कहा लेकिन धोनी नहीं आये.
धोनी ने सगाई के अगले ही दिन देहरादून के पास विश्रांति रिजार्ट में अपने चुनिंदा मित्रों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में विवाह भी कर लिया था. विवाह के बाद उनके पिता पान सिंह, मां देवकी, बहन जयंती, जीजा गौतम तथा अन्य रिश्तेदार सोमवार को देर शाम यहां वापस आ गये.
धोनी और साक्षी शादी के बाद दिल्ली में ही रुक गये थे जहां उन्होंने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी से मुलाकात की. इसके बाद से उनके जन्मदिन पर मुंबई या रांची में जश्न के कयास लगाये जा रहे थे. कभी मुंबई में और कभी यहां उनके जन्मदिन मनाने के चर्चे थे जिसे लेकर मीडिया में काफी गफलत थी.
अंतत: बुधवार को जैसे ही सुरक्षा अधिकारियों को धोनी के रांची पहुंचने की खबर मिली, उन्होंने हवाई अड्डे और इसके आसपास सुरक्षा के भारी इंतजाम कर दिये. हवाई अड्डे से धोनी और उनकी पत्नी को गुप्त मार्ग से बाहर निकाला गया जिससे मीडिया हाथ मलती रह गई.