रविवार को वसंतकुंज के सरकारी जमीन पर आकर रह रहे हजारों लोगों को पुलिस ने जबरन हटा दिया. इस पुलिसिया कार्रवाई की जेएनयू छात्र संगठन जमकर विरोध कर रहा है.
जेएनयू छात्र संगठन की अध्यक्ष सुचेता ने कहा, ‘लीगल या इलिगल कुछ भी है, लेकिन ये इंसान ही तो हैं. किसी तरह अपनी जान बचाकर ये लोग यहां आए हैं. ये लोग ऐसी हालत में कहां जाएंगे. पुलिस इन्हें कहां ले जा रही है. हमने बार बार पुलिस से पूछा लेकिन कोई जावाब नहीं दिया जा रहा.’
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक ये सभी लोग म्यांमार से आए हुए रिफ्यूजी हैं. लेकिन पुलिस ने जब इन लोगों से इनके रिफ्यूजी स्टेटस के कागज़ात मांगे तो हंगामा शुरू हो गया. हंगामा अधिकारियों के साथ हाथापाई तक पहुंच गया.
स्थानीय लोगों के मुताबिक ये कार्रवाई उनकी शिकायत पर की गई है.
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, ‘ये लोग पिछले दस दिनों से यहां पहुंच कर जमा हो रहे हैं. यहां हमारा धार्मिक स्थल है और ये लोग उसके आसपास ही बस गए हैं. यहां के हालात बहुत बुरे हैं. स्थानीय लोगों को सुरक्षा को लेकर भी चिंता हो रही थी. हम पांच गावों ने ये फैसला किया कि इन्हें यहां नहीं रहने दिया जाएगा.’
फिलहाल पुलिस ने इस सभी लोगों को वापस उन्हीं जगहों पर भेजने का फैसला किया है जहां से ये आए थे.