अमेरिका का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में किसी भी तरह के सुधार के दौरान भारत का नाम विचार के बिंदुओं में प्रमुख होगा.
राजनीतिक मामलों के उप विदेश मंत्री बिल बर्न्स ने व्हाइट हाउस में भारत पर विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा ‘भारत की उभरती हुई ताकत और उसकी अहमियत को देखते हुए, हमारा मानना है कि सुरक्षा परिषद् में किसी भी तरह के सुधार के दौरान भारत के नाम पर प्रमुखता से विचार होगा.’
बर्न्स से जब इस बारे में और विवरण देने को कहा गया, तो उन्होंने कहा, ‘‘यह वह सारी जानकारी है, जो हमारे पास आज की तारीख में है.’ वहीं इस मामले पर रणनीतिक मामलों के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बेन रोड्स ने कहा, ‘जी-20 पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए, हम पहले ही वैश्विक ढ़ांचे के क्षेत्र में भारत को अहम आवाज मान रहे हैं, उदाहरण के तौर पर कहा जा सकता है कि अर्थव्यवस्था संबंधी कई वैश्विक मुद्दों से जी-आठ उतने प्रभावशाली तौर पर नहीं निपट सकता, जितने प्रभावी तरीके से जी-20 निपट सकता है.’
रोड्स ने कहा, ‘‘इसके पीछे कारण ये है कि आपको ऐसे मुद्दों पर विचार-विमर्श के दौरान भारत की जरूरत होती है, बिलकुल वैसे ही जैसे आपको चीन और दूसरी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की जरूरत होती है. वे सुरक्षा परिषद के सदस्य बनेंगे, ताकि हमें वहां उनके साथ सहयोग करने का मौका मिले’ भारत इस बार सुरक्षा परिषद् के अस्थाई सदस्य के तौर पर चयनित हुआ है.
रोड्स ने कहा कि भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ओबामा के पास इस मुद्दे पर बात करने का भी मौका होगा. सुरक्षा परिषद में भारत की अस्थाई सदस्यता के संदर्भ में रोड्स ने कहा ‘इस पर हमारा पूरा ध्यान है. भारत की अहम भूमिका का हम स्वागत करते हैं और हम कई सालों और महीनों से भारत की अहम भूमिका देख रहे हैं.’