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पर्यावरण मंत्रालय ने दिये लवासा के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि पुणे स्थित लवासा हिल परियोजना के तहत हुए निर्माण के कुछ हिस्से को मंजूरी प्राप्त नहीं है. मंत्रालय ने लवासा के लिये मुश्किलें बढ़ाते हुए महाराष्ट्र सरकार से परियोजना के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने को कहा है.

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लवासा
लवासा

पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि पुणे स्थित लवासा हिल परियोजना के तहत हुए निर्माण के कुछ हिस्से को मंजूरी प्राप्त नहीं है. मंत्रालय ने लवासा के लिये मुश्किलें बढ़ाते हुए महाराष्ट्र सरकार से परियोजना के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने को कहा है.

महाराष्ट्र सरकार को लिखे पत्र में पर्यावरण और वन मंत्रालय ने कहा कि दो हजार हैक्टेयर में लवासा की हिल स्टेशन टाउनशिप परियोजना विकसित करने के लिये पर्यावरण मंजूरी हासिल करने के मकसद से भेजी गयी अर्जी का जब आकलन किया गया तो पाया गया कि पूर्व अनुमति के बिना ही 681 हैक्टेयर भूमि पर निर्माण कार्य चल रहा है.

मंत्रालय ने कहा कि उसने पिछले वर्ष 25 नवंबर को लवासा को कारण बताओ नोटिस भेजा था और इस वर्ष 17 जनवरी को अंतिम दिशा-निर्देश दिये थे. मंत्रालय ने कहा कि 681 हैक्टेयर भूमि पर निर्माण कार्य करना पर्यावरण संरक्षण कानून 1986 का उल्लंघन है.

मंत्रालय ने राज्य सरकार के पर्यावरण विभाग से कहा है कि वह कानून का उल्लंघन होने के चलते लवासा के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करे.

राज्य सरकार से केंद्र को कार्रवाई के बारे में जल्द से जल्द सूचित करने को भी कहा गया है.

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लवासा का एक मामला बंबई उच्च न्यायालय में भी चल रहा है. इसमें 15 जून को होने वाली सुनवाई के दौरान मंत्रालय लवासा के पहले चरण की विवादास्पद परियोजना के बारे में अपने फैसले से अदालत को अवगत करायेगा.

इस बारे में पूछे जाने पर पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा, ‘हमें जो कुछ कहना है, वह हम 15 जून को अदालत में कहेंगे.’ मंत्रालय विशेषज्ञ आकलन समिति की रिपोर्ट के आधार पर फैसला करेगा. समिति ने लवासा कॉरपोरेशन को सशर्त मंजूरी देने की सिफारिश की है. लवासा हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी की सहयोगी कंपनी है.

रमेश ने कहा कि मंत्रालय द्वारा गठित इस समिति ने सिफारिशें की हैं लेकिन इसी के साथ काफी ज्यादा शर्तें भी बतायी हैं. इस संबंध में स्थिति अदालत में स्पष्ट कर दी जायेगी.

समिति की सिफारिशों का लवासा द्वारा स्वागत किये जाने के बारे में रमेश ने कहा कि कंपनी द्वारा स्वागत करना या आलोचना करना जल्दबाजी होगा.

मंत्रालय के लवासा के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिये जाने से पहले हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजीत गुलाबचंद ने मुंबई में कहा कि विशेषज्ञ आकलन समिति ने लवासा हिल टाउनशिप परियोजना के दो हजार हैक्टेयर के पहले चरण को कुछ शर्तों में साथ मंजूरी देने की सिफारिश की थी.

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कंपनी ने दिल्ली में भी वक्तव्य जारी कर सिफारिशों का स्वागत किया था.

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