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घोड़ा कटोरा झील में बनेगी बुद्ध की प्रतिमा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि नालंदा जिले के राजगीर स्थित घोड़ा कटोरा झील को आकर्षक एवं सुन्दर बनाया जायेगा और इसमें भगवान बुद्ध एंव उनके चार परम शिष्यों की प्रतिमाएं स्थापित करायी जायेगी.

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नीतीश कुमार
नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि नालंदा जिले के राजगीर स्थित घोड़ा कटोरा झील को आकर्षक एवं सुन्दर बनाया जायेगा और इसमें भगवान बुद्ध एंव उनके चार परम शिष्यों की प्रतिमाएं स्थापित करायी जायेगी.

अपनी सेवा यात्रा के क्रम में घोड़ा कटोरा झील का परिभ्रमण करने और झील के विकास के लिये किये जा रहे कार्यो का स्थल निरीक्षण करने के बाद नीतीश ने कहा कि इस झील को आकर्षक एंव सुन्दर बनाया जायेगा और इसमें भगवान बुद्ध एवं उनके चार परम शिष्यों की प्रतिमा स्थापित करायी जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीरी एंव मगध प्राचीन इतिहास रहा है. यह धरती भगवान बुद्ध एंव ऋषि मुनियों संत सुफियों का रहा है. यहां के ही गद्ध कुट से भगवान बुद्ध ने मगध को आशीर्वाद दिया था.

उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के तीन परम शिष्य आनंद मोगलाइन महाकायम इसी क्षेत्र के थे और सारी पुत्र ने भी इस क्षेत्र में काफी दिनों तक अपने जीवन बिताया. सारी पुत्र का परिनिर्वाण भी इसी क्षेत्र में हुआ था नीतीश ने कहा कि भगवान बुद्ध से जुडे स्थलों को बौद्ध सर्किट के अंतर्गत विकसित किया जायेगा. देश दुनिया के बौद्ध धर्मावलम्बियों एंव पर्यटकों को इस धरती की ओर आकृष्ट किया जायेगा ताकि वे बड़ी संख्या में यहां आकर प्रकृति छटाओं सौन्दर्य को देखें और इससे लाभान्वित हों.

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उन्होंने पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया कि वे भगवान बुद्ध के चार परम शिष्यों के परिनिर्वाण की संभावित तिथि का पता लगाकर उस दिन कार्यक्रमों का आयोजन करें ताकि इस क्षेत्र और भगवान बुद्ध के संबंध में लोगों को अधिक से अधिक जानकारियां मिल सकें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि घोड़ा कटोरा के प्राकृतिक सौन्दर्य की छटाएं देखने योग्य हैं. यह स्थल अत्यंत रमणीक है. पंच पहाड़ियों से घिरा हुआ है.

उन्होंने पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया कि वे इस स्थल को और सुन्दर आकर्षक बनाने के लिए कान्सल्टेंट की बहाली करने की कार्रवाई करे.

नीतीश ने रविवार को लगभग पांच किलोमीटर पैदल यात्रा वन क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ की तथा टांगे की सवारी की. उन्होंने घोड़ा कटोरा झील से गाद हटाने के लिए की जा रही कार्रवाई का भी निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री को सिंचाई विभाग के अभियंताओं के द्वारा बताया गया कि झील की सफाई से निकलने वाले 140000 क्यूबिक मीटर मिट्टी का उपयोग बिहटा सरमेरा रोड के निर्माण कार्य में किया जा सकता है. इस पर पथ निर्माण विभाग के अधिकारी एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी बैठकर निर्णय लें.

मुख्यमंत्री रविवार को नवादा जिला के काशीचक प्रखंड अंतर्गत पर्वत पर भी गये और वहां के पुरातत्व महत्व के संबंध में जानकारी ली. उन्हें बताया गया कि ज्ञान प्राप्ति के छह वर्ष बाद भागवान बुद्ध राजगीर से विक्रमशीला जाने के क्रम में यहां पर रुके थे और उपासना की थी. चीन के पर्यटक फाहियान ने भी इस स्थल का भ्रमण किया था.

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नीतीश ने इस स्थल को पर्यटक एवं पुरातत्व स्थल के रूप में विकसित किये जाने के लिए अधिकारियों के साथ विचार विमर्श भी किया. उन्होंने नालंदा जिले के राजगीर सिलाव नालंदा पावापुरी गिरियक कतरीसराय प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण सडकों एवं पथ निर्माण विभाग की सड़कों का निरीक्षण भी किया तथा विकास की संभावनाओं पर विचार विमर्श करते हुए पथ निर्माण विभाग के सचिव को आश्वयक निर्देश भी दिये. मुख्यमंत्री ने रविवार को कुण्डलपुर का भी दौरा किया और वहां पर 81 एकड़ में फैले गिद्दी तालाब को देखा और इस तालाब को सौंदर्यीकरण के लिए आवश्यक निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिये. गिद्दी तालाब पर बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं जो अदभूत दृश्य पैदा करते हैं. यह स्थल पर्यटक दृष्टिकोण से अत्यधिक सुन्दर है और इसे नये रूप में विकसित किया जाना आवश्यक है क्योंकि यहां पर बड़ी संख्या में जैन पर्यटक आया करते हैं.

उन्होंने सिलाव के बडगांव स्थित सूर्य तालाब का भी निरीक्षण किया और तालाब की सौंदर्यता को बनाये रखने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिये.

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