राज्यपाल देवानंद कुंवर ने कहा कि सभी चुनौतियों के बावजूद बिहार प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है.
62वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में राष्ट्र ध्वज फहराने के बाद अपने संबोधन में कुंवर ने कहा कि मानसून की बेरूखी के कारण लगातार दूसरे वर्ष भी बिहार सूखे के संकट का सामना कर रहा है और वष्रा के अभाव में भूमि के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है जिससे गंगा के दक्षिण में स्थित कई जिलों में पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है तथा पेयजल समस्या से निपटने के लिए सरकार ने आपातकालीन कार्य योजना बनायी है.
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग और कुशल वित्तीय प्रबंधन कर राज्य के योजना आकार और योजना व्यय में निरंतर वृद्धि की है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2004-05 में राज्य का योजना व्यय जहां 3196 करोड रूपये था वह वर्ष 2010-11 में बढकर बीस हजार करोड रूपये हो गया है.
कुंवर ने कहा कि बिहार में 40 से अधिक राज्य योजनाएं संचालित की जा रही है और इन योजनाओं का लाभ समाज के सभी तबकों को मिल रहा है.
{mospagebreak} राज्यपाल ने कहा कि सुशासन के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय नियमों का सरलीकरण किया गया है और प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए तथा लोक सेवा समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से जन-जन तक पहुंचे, इसके लिए ‘लोक सेवा गारंटी काननू’ बनाया जा रहा है.
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और लोक सेवकों द्वारा भ्रष्ट तरीकों से अर्जित संपत्ति को जब्त करने का कानून लागू हो चुका है.
बिहार के राज्यपाल देवानंद कुंवर ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी और पारदर्शी कार्यान्वयन के लिए दूरभाष आधारित ‘जानकारी’ नामक फोन काल सेवा की शुरुआत की गयी और सहकारी संस्थाओं के निर्वाचनों को संचालित करने के लिए स्वतंत्र निर्वाचन प्राधिकार गठित किया गया है. उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में राज्य सरकार ने ‘सुशासन के कार्यक्रम’ के रूप में नए संकल्प लिए हैं और ‘न्याय के साथ विकास के लिए प्रतिबद्ध’ है.
राज्यपाल ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का सर्वागीण विकास हो और अगले पांच वर्षों में बिहार देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में पहुंचे.
उन्होंने कहा कि सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए प्रदेश में आद्यौगिक विकास के लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड का गठन, एकल खिडकी अधिनियम तथा खाद्य प्रसंस्करण नीति को लागू किया गया है.
{mospagebreak} राज्यपाल देवानंद कुंवर ने कहा कि प्रदेश में सभी को खाद्य सुरक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में काफी सुधार किए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में सभी 1.4 करोड़ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को खाद्य सुरक्षा मुहैया करायी जाए.
उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि उत्पादन को बढाने एवं किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए ‘कृषि रोड मैप’ तैयार कर उस पर अमल किया जा रहा है.
राज्यपाल ने कहा कि ऊर्जा की कमी को दूर करने के लिए केंद्र एवं अन्य स्रोतों से बिजली क्रय कर उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है. विद्युत उपकेंद्रों में निवेश करके बिहार राज्य विद्युत बोर्ड की संचरण एवं वितरण प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है.
बिहार के राज्यपाल देवानंद कुंवर ने कहा कि राज्य ने पिछले पांच वर्षों में मानव संसाधन में महत्वपूर्ण सफलता पायी है. वर्ष 2005 के 12.5 प्रतिशत की तुलना में अब केवल 3.5 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल से बाहर हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक परिवर्तन लाने के लिए नए विद्यालय खोले जाने, शिक्षकों की बहाली के साथ अनेक नई महत्वाकांक्षी योजनाएं आरंभ की गयी है.
प्रदेश में स्वास्थ्य प्रक्षेत्र में आए बदलाव का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सभी प्रखंडों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की गयी है और सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में आने वाले मरीजों की औसत मासिक संख्या वर्ष 2005-06 के 39 से बढकर वर्ष 2009-10 में पांच हजार हो गयी है.
{mospagebreak} सामाजिक न्याय के साथ बिहार के विकास के पथ पर अग्रसर होने की बात करते हुए कुंवर ने कहा कि राज्य सरकार के सार्थक प्रयासों से प्रदेश में साम्प्रदायिक सद्भाव और सामाजिक सौहार्द का माहौल है.
उन्होंने कहा कि वंचित वर्गो का उत्थान कर उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए महिलाओं, महादलितों, अत्यंत पिछडा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.
इससे पूर्व राज्यपाल ने बिहार सैन्य बल के जवानों के मार्च पास्ट की सलामी ली और गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर बिहार के विभिन्न विभागों द्वारा झांकियां निकाली गयी.
इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, बिहार विधानसभा के सभापति ताराकांत झा, बिहार सरकार के कई अन्य मंत्री और पदाधिकारी उपस्थित थे.