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अचानक राजघाट पहुंच प्रार्थना पर बैठे अन्ना हजारे

दिल्ली पुलिस से अनशन की इजाजत नहीं मिलने के बाद अन्ना हजारे अचानक राजघाट पहुंचे. अन्ना हजारे के साथ सैंकड़ों की संख्या में उनके समर्थक भी यहां पहुंचे हैं.

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राजघाट पहुंचे अन्ना हजारे
राजघाट पहुंचे अन्ना हजारे

दिल्ली पुलिस से अनशन की इजाजत नहीं मिलने के बाद अन्ना हजारे अचानक राजघाट पहुंचे.

उन्हें 16 अगस्त से अनशन पर बैठना था और इस क्रम में उन्हें 16 अगस्त की सुबह राजघाट पहुंचना था. अन्ना हजारे के साथ अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया भी राजघाट पहुंचे हैं.

शुरू-शुरू में राजघाट पर अन्ना हजारे के साथ लगभग 100-150 समर्थक भी पहुंचे. लेकिन जैसे ही यह खबर फैलने लगी समर्थकों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. अन्ना हजारे राजघाट पर गांधीजी की समाधि के सामने ध्यान लगाये बैठे हैं. उनके कुछ समर्थक बारिश के मौसम में उन पर छाता लगाये हैं जबकि बाकि समर्थक उनके समर्थन में जुटे हैं.

यह खबर फैलते ही राजघाट पर अन्ना के समर्थकों का तांता लगना शुरू हो गया है.

जैसे ही दिल्ली पुलिस को इस बाबत खबर मिली उनकी टीम भी राजघाट पहुंच गई है. साथ ही दिल्ली पुलिस कमिश्नर और गृह सचिव अन्ना के अनशन को लेकर बैठक कर रहे हैं.

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इस बीच अन्ना के समर्थकों का आना लगा है और शुरू जो संख्या 100-150 के आसपास थी वो अब 300 के पार पहुंच गई है.

इससे पहले अन्ना हजारे की टीम को दिल्ली पुलिस ने अपनी सभी शर्तों को नहीं मानने के कारण 16 अगस्‍त से जयप्रकाश नारायण पार्क पर अनशन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया.

हज़ारे पक्ष द्वारा अनशन तीन दिन के भीतर खत्म कर देने और प्रदर्शनकारियों की संख्या पांच हजार तक सीमित रखने की शर्त मानने से इनकार करने के बाद दिल्ली पुलिस का यह फैसला आया.

दिल्ली पुलिस को सौंपे हलफनामे में हजारे पक्ष ने छह शर्तों को छोड़कर शेष 16 शर्तों मान ली. जिन शर्तों को हजारे पक्ष ने नहीं माना है वे हैं-
1.- अनशन को 18 अगस्त की शाम छह बजे तक खत्म कर देना
2.- अनशन स्थल पर 5,000 से अधिक भीड़ नहीं जुटने देना
3.- 50 कारों और 50 दुपहिया वाहनों को ही पार्किंग की अनुमति
4.- हजारे सहित सभी अनशनकारियों की सरकारी चिकित्सकों द्वारा निगरानी
5.- रात नौ बजे के बाद लाउडस्पीकर नहीं बजाना और बड़े शामियाने नहीं लगाना.

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