मजबूत लोकपाल बिल के लिए अनशन पर अटल अन्ना हजारे की टीम और सरकार के बीच टकराव तय है. 16 अगस्त से अनशन का ऐलान करने वाले अन्ना की टीम ने साफ कर दिया है कि उसे जेपी पार्क में अनशन की इजाजत देने की शर्तों में से कुछ ही स्वीकार है जबकि पुलिस ने कहा है कि सभी शर्तें नहीं मानी गईं तो अनशन की इजाजत नहीं मिलेगी. टीम अन्ना को आज यह हलफनामा देना है कि दिल्ली पुलिस की सभी 22 शर्तें उसे मंजूर हैं.
टीम अन्ना ने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए पीएम की ओर से भ्रष्टाचार पर की गई टिप्पणी पर भी निराशा जताई है. टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने कहा कि पीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का एक अच्छा मौका खो दिया है.
सरकार और कांग्रेस की ओर से भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने से आहत अन्ना हजारे ने सरकार पर जमकर पलटवार किया है. अन्ना ने खुद को बेदाग करार देते हुए कहा कि दागी होता तो कुचला जाता.
उन्होंने कहा कि जिस जस्टिस सावंत आयोग का हवाला देकर उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं वो उनके ही आग्रह पर बनाया गया था लेकिन जांच रिपोर्ट में कहीं उनका नाम नहीं. उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वो आरटीआई दाखिल कर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत जुटाए.