वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के पूर्व सहयोगी सुधींद्र कुलकर्णी 2008 के नोट के बदले वोट घोटाले में अपनी कथित भूमिका के लिए जारी सम्मन के जवाब में मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश हुए.
कुलकर्णी विशेष न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल के समक्ष पेश हुए. इससे पहले वह छह और 19 सितंबर को इस आधार पर अदालत में पेश होने में विफल रहे थे कि वह अमेरिका में हैं.
अदालत ने 19 सितंबर को उनके वकील को चेतावनी दी थी कि अगली तारीख पर पेशी में विफल रहने पर उसे कुलकर्णी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के लिए विवश होना पड़ेगा.
अदालत में पेश होने से पहले कुलकर्णी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि पोल उन्होंने ही खोली थी और उनका प्रयास भ्रष्टाचार को उजागर करना था.
कुलकर्णी ने कहा ‘‘मेरे खिलाफ आरोप झूठा और राजनीति से प्रेरित है. समूचे प्रकरण में मेरी भूमिका पोल खोलने वाले की रही. अपने सहयोगियों तीन भाजपा सांसदों और सुहैल हिन्दुस्तानी के साथ मैंने जुलाई 2008 में तत्कालीन सरकार द्वारा लोकसभा में विश्वासमत जीतने के लिए सांसदों की खरीद फरोख्त के खुलासे का प्रयास किया.’’ उन्होंने दावा किया कि उनके पास ‘छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है’ और वह किसी से भी दूर नहीं भाग रहे हैं.
कुलकर्णी ने कहा, ‘‘यदि भ्रष्टाचार का खुलासा करना अपराध है, तो मैं जेल जाने को तैयार हूं.’’ अदालत मामले में राज्यसभा सदस्य अमर सिंह और सह आरोपी संजीव सक्सेना की नियमित जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई करने वाली है.