तमिलनाडु के तूतिकोरिन तट पर बहकर आईं करीब 100 व्हेल मछलियों में से 45 ने दम तोड़ दिया है. यहां काम कर रहे सुगंधि देवदासन समुद्री शोध संस्थान के निदेशक डा. पैटरसन एडवर्ड ने इसकी पुष्टि कर दी है.
करीब 36 व्हेल मछलियों को बचाया गया और उन्हें पानी में छोड़ दिया गया. हालांकि वो अब भी तट के आसपास ही घूम रही हैं. कहा नहीं जा सकता कि वो बच पाएंगी या नहीं.
सोमवार को दोपहर बाद करीब 100 व्हेल मछलियां बहकर समुद्र किनारे आ गईं थी. एक स्थानीय ने कहा, 'सोमवार की शाम समुद्र किनारे कई जगहों पर दर्जनों व्हेल मछलियां नजर आईं.' स्थानीय वन अधिकारी एस.ए. राजू ने कहा, 'पूरे दिन मछुआरे जिन मछलियों को वापस पानी में भेजने की कोशिश कर रहे थे, वो वापस किनारे आ रही थी और मर रही थी.'
एस.ए. राजू ने कहा, 'ये बहुत अजीब घटना है और हम व्हेलों की जांच कर रहे हैं. हमने पाया कि कुछ मछलियां जिंदा हैं और जीने के लिए संघर्ष कर रही हैं.'
अधिकारियों का मानना है कि प्रशांत महासागर से मीलों दूर तक चले आने की वजह से व्हेल किनारे आ गईं. इससे पहले 1973 में भी तमिलनाडु में 147 व्हेल किनारे बहकर आ गईं थी और मर गई थी.