अनशन पर बैठने जा रहे बाबा रामदेव ने सरकार के साथ बातचीत विफल होने के बाद कहा कि वो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही शनिवार से अनशन शुरू करेंगे और ये अनशन तब तक जारी रहेगा जबतक कि उनकी सभी मांगें मान नहीं ली जाती.
केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और सुबोधकांत सहाय के साथ कई घंटों की वार्ता के बाद अनशन स्थल रामलीला मैदान पंहुचने पर रामदेव ने कहा कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सरकार के साथ बातचीत सकारात्मक तरीके से हो रही है और कुछ मुद्दों पर वार्ता निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है.
हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार को वादों को अमल में लाने के लिए समयसीमा बतानी होगी. राजधानी के एक होटल में केन्द्रीय मंत्रियों से बातचीत के बाद रामलीला मैदान जाने से पहले रामदेव ने राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भगत सिंह पार्क में शहीदे आजम भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद वह सीधे रामलीला मैदान पहुंचे और सैकड़ों की तादाद में जमा अपने समर्थकों को संबोधित किया.
रामदेव ने कहा कि वह अनशन करेंगे. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को समयबद्ध तरीके से नहीं मान लेती, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा. रामदेव ने कहा कि सरकार विदेशों में जमा काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने पर सैद्धांतिक और मौखिक स्वीकृति जता चुकी है, लेकिन उसने इस संबंध में अध्यादेश जारी करने के बारे में कोई ठोस वादा नहीं किया है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार लोकसेवा वितरण अधिनियम बनाने के लिए संसद में जल्द से जल्द एक विधेयक लाने और राज्यों के लिए मॉडल विधेयक तैयार करने पर भी सहमत हो चुकी है. केंद्रीय मंत्रियों के साथ बातचीत का संक्षिप्त विवरण देते हुए योग गुरु ने यह भी दावा किया कि सरकार शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश परीक्षाओं की सामग्री और अध्ययन सामग्री की सुविधा को अंग्रेजी के साथ ही अन्य भारतीय भाषाओं में तैयार करने पर राजी हो गयी है.
योग गुरु ने भारी नारेबाजी के बीच कहा कि भ्रष्टाचार के मुकदमों के निपटारे के लिए भी सरकार केंद्र और राज्य स्तर पर विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन करने पर सहमत हो चुकी है, लेकिन उन्होंने कहा कि सरकार ने इन ‘वादों’ को पूरा करने के लिए कोई समयबद्धता नहीं दर्शाई है.
रामदेव ने आगाह किया कि उनका आंदोलन हिंसक रूप नहीं लेगा, लेकिन अगर सत्याग्रह को दबाने या कुचलने की कोशिशें हुई’ तो यह ठीक नहीं होगा. उन्होंने दोहराया कि उनका कोई ‘गुप्त राजनीतिक या सांप्रदायिक एजेंडा’ नहीं है. इस बीच सैकड़ों की तादाद में रामदेव के समर्थक रामलीला मैदान पर जुटने लगे हैं. गौरतलब है कि कल सरकार की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें अन्ना हजारे के अनशन जैसे हालात रोकने के लिए रामदेव के उठाए मुद्दों पर चर्चा की गई थी.