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फ्रांस एयरचीफ भरेंगे तेजस में उड़ान, US वायुसेना प्रमुख भी कर चुके हैं ऐसा

फ्रांस एयरचीफ आंद्रे लनाता बुधवार को राजस्थान के जोधपुर में उड़ान भरेंगे. एक सप्ताह के भीतर ही दो बड़े देशों के एयरचीफ का तेजस में उड़ान भरना एक बड़ी बात हो सकती है.

फाइल फोटो फाइल फोटो

भारत में ही बने फाइटर जेट 'तेजस' की दीवानगी अब पूरी दुनिया में बोल रही है. अभी हाल ही में अमेरिकी एयरचीफ डेविड गोल्डफिन ने भारत में इसमें उड़ान भरी थी. अब फ्रांस के एयरचीफ बुधवार को तेजस में सवार होंगे. फ्रांस एयरचीफ आंद्रे लनाता बुधवार को राजस्थान के जोधपुर में उड़ान भरेंगे. एक सप्ताह के भीतर ही दो बड़े देशों के एयरचीफ का तेजस में उड़ान भरना एक बड़ी बात हो सकती है.

आपको बता दें कि फ्रांस एयरचीफ पांच दिनों के भारत दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने भारतीय एयर चीफ बीएस धनोया से भी मुलाकात की थी. भारत ने फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमान की डील की हुई है, जो इस समय भी देश में चर्चा का विषय बनी हुई है. आपको बता दें कि पिछले वर्ष सिंगापुर के रक्षामंत्री ने भी तेजस में उड़ान भरी थी.

ये हैं तेजस की खूबियां

तेजस 50 हजार फीट तक उड़ सकता है. दुश्मन पर हमला करने के लिए इसमें हवा से हवा में मार करने वाली डर्बी मिसाइल लगी है तो जमीन पर निशाने लगाने के लिए आधुनिक लेजर गाइडेड बम लगे हुए हैं. अगर ताकत की बात करें तो पुराने मिग 21 से कही ज्यादा आगे है और मिराज 2000 से इसकी तुलना कर सकते हैं.

ये ही नहीं चीन और पाकिस्तान के साक्षा उपक्रम से बने जेएफ-17 से कहीं ज्यादा बेहतर है. तेजस का फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम जबरदस्त है. तेजस 50 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है.

1350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेजस एक उड़ान में 2,300 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है, जबकि जेएफ-17 2,037 किलोमीटर की दूरी. तेजस जहां 3000 किलो विस्फोटक और बम लेकर उड़ सकता है, वहीं जेएफ-17 2,300 किलो लेकर ही जा सकता है. तेजस हवा में ही तेल भरवा सकता है पर जेएफ-17 ऐसा नहीं कर सकता. सबसे अहम बात यह है कि तेजस 460 मीटर चलने के बाद ही हवा में उड़ सकता है, जबकि चीनी विमान को ऐसा करने के लिए 600 मीटर की दूरी तय करनी होती है.

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