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लखनऊ में राजस्थान के बेरोजगारों और यूपी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, प्रियंका से करना चाहते थे मुलाकात

उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) अपने उत्तर प्रदेश की यात्रा के दौरान बेरोजगारों के दुख-दर्द को सुनेंगी, लेकिन राजस्थान (Rajasthan) के बेरोजगार भी अपने दर्द की दास्तां प्रियंका को सुनाने लखनऊ पहुंच चुके हैं.

राजस्थान के बेरोजगारों और यूपी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प राजस्थान के बेरोजगारों और यूपी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राजस्थान के बेरोजगारों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प
  • लखनऊ में प्रियंका गांधी से करना चाहते थे मुलाकात
  • 100 से ज्यादा लोग बेरोजगार सम्मेलन में हिस्सा लेने लखनऊ पहुंचे

उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) अपने प्रदेश की यात्रा के दौरान बेरोजगारों के दुख-दर्द को सुनेंगी, लेकिन राजस्थान (Rajasthan) के बेरोजगार भी अपने दर्द की दास्तां उनको सुनाने लखनऊ पहुंच चुके हैं. 

इस बीच, राजस्थान के बेरोजगारों और उत्तर प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच शुक्रवार को लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय में झड़प हो गई. राजस्थान से आए कंप्यूटर पोस्ट ग्रेजुएट लोगों के साथ कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की हुई. ये लोग कांग्रेस के लखनऊ दफ्तर में प्रियंका गांधी से मिलने की मांग कर रहे थे.

वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ कह दिया है कि किसी भी पार्टी की सरकार हो, सब को नौकरी नहीं दे सकती है. कई दिनों से दिल्ली से जयपुर तक धरना प्रदर्शन कर रहे 100 से ज्यादा बेरोजगार प्रियंका गांधी के लखनऊ के बेरोजगार सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंच गए हैं.

परिणाम के इंतजार में बेरोजगार

जयपुर के महेंद्र मिश्र साल 2013 में जब 33 साल के थे, तब उन्होंने राजस्थान में पुजारी और मंदिर प्रबंधक बनने की परीक्षा दी थी. अब आठ साल बीत गए हैं, लेकिन आज भी आठ साल पहले की हुईं तैयारियों की डायरी लेकर बैठे हैं.  

आठ साल से परीक्षा का परिणाम निकलने के इंतजार में लोगों के भाग्य बताने का काम शुरू कर दिया, पर ज्योतिष में पीएचडी महेंद्र मिश्र को यह पता नहीं कि परिणाम कब निकलेगा. वहीं, अजमेर के विजयनगर के महावीर शर्मा तो आठ सालों से परीक्षा के एडमिट कार्ड लेकर साथ ही घूमते हैं. मंदिर में पूजा-पाठ का काम करते हैं, मगर सरकारी पुजारी का काम करने का सपना अभी तक खत्म नहीं हुआ है.

राजस्थान में एक लाख से ज्यादा पद खाली पड़े हुए हैं, लेकिन सरकार बजट का रोना रोकर या तो नौकरियां नहीं दे रही है या फिर पिछले ढाई साल से परीक्षाएं टाल दी जा रही हैं. टीचर भर्ती परीक्षा तीन बार टल चुकी है. पटवारी तीन बार चल चुकी है.

कई परीक्षाएं पेपर आउट होने की वजह से जांच में लंबित हैं. ऐसे में राजस्थान के बेरोजगारों को लग रहा है कि उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी से अपनी तकलीफ बताने पर शायद कोई रास्ता निकल जाए.

 

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