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टेप कांड: जांच में शामिल नहीं होंगे महेश जोशी, मोदी-शाह पर गजेंद्र सिंह को बचाने का लगाया आरोप

राजस्थान में कांग्रेस के मुख्य सचेतक और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी महेश जोशी को दिल्ली क्राइंम ब्रांच का नोटिस मिला था. कहा गया था कि उन्हें दिल्ली में इस केस के सिलसिले में पेश होना था.

राजस्थान में कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी राजस्थान में कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राजस्थान टेप कांड में बड़ी खबर
  • महेश जोशी को पुलिस नोटिस
  • जांच में शामिल नहीं होंगे जोशी

राजस्थान इस समय देश की राजनीति का केंद्र बना हुआ है. एक तरफ कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई सियासत को रोज नए आयाम दे रही है तो वहीं दूसरी तरफ राजस्थान टेप कांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. जिस कांड को लेकर कहा गया था कि गहलोत सरकार को गिराने की साजिश हुई है, अब उसी केस से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है.

राजस्थान टेप कांड में बड़ी खबर

राजस्थान में कांग्रेस के मुख्य सचेतक और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी महेश जोशी को दिल्ली क्राइंम ब्रांच का नोटिस मिला था. कहा गया था कि उन्हें दिल्ली में इस केस के सिलसिले में पेश होना था. लेकिन अब महेश जोशी ने उस जांच में शामिल होने से ही मना कर दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि नोटिस में ये स्पष्ट नहीं है कि उन्हें क्यों बुलाया जा रहा है. ये भी नहीं बताया गया है कि उन पर आरोप क्या लगे हैं. इसी वजह से वे इस जांच में शामिल नहीं होने जा रहे हैं. 

पीएम पर क्यों निशाना?

अब महेश जोशी की तरफ से इस विवाद को इतना बड़ा बना दिया गया है कि उन्होंने बकायदा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगा दिए. उन्होंने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के जरिए प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पीएम और गृह मंत्री ने गजेंद्र सिंह को बचाने का ठेका दिल्ली पुलिस को दे दिया है. होना तो ये चाहिए था कि पीएम को उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफा लेना चाहिए था.

कौन से हैं बड़े राज?

जानकारी के लिए बता दें कि इस टेप कांड में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी एक अहम भूमिका में हैं. एक ऑडियो टेप जो कांग्रेस द्वारा जारी किया गया था, उसमें दावा किया गया कि आवाज गजेंद्र सिंह की ही है और वे पैसों को लेकर कुछ बातचीत कर रहे हैं. उसी केस में अब महेश जोशी कह रहे हैं कि पुलिस द्वारा मामले की जांच नहीं की गई. उन्होंने केंद्रीय मंत्री की आवाज का सैंपल भी नहीं लिया. इसी वजह से अब महेश जोशी भी जांच में शामिल नहीं होना चाहते हैं. वे एक कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं. उनके मुताबिक वे कई राजों से पर्दा उठाएंगे.

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