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7वीं पास मीणा MLA बनने के बाद 55 की उम्र में दे रहे BA की परीक्षा

उदयपुर ग्रामीण विधानसभा से 2013 का चुनाव जीत कर पहली बार राजस्थान की विधानसभा में पहुचने वाले 55 वर्षीय फूलसिंह मीणा ने विधायक बनने के बाद पहले तो दसवीं पास की, फिर 12 वीं पास की और अब कॉलेज पहुंच गए हैं. 7 वीं पास करने के 40 साल बाद जब विधायक जी ने किताब हाथ में ली तो पढ़ाई में ऐसा मन लगा कि अब बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा दे रहे हैं.

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विधायक फूलसिंह मीणा
विधायक फूलसिंह मीणा

कहते हैं कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है. लेकिन उदयपुर में 55 साल के एक विधायक जी का पढ़ने जाना और परीक्षा देना चर्चा का विषय बना हुआ है. यही नहीं विधायक जी को अच्छे नम्बरों से पास कराने के लिए उनकी पांच बेटियां भी जी जान से जुटी हुई हैं.

उदयपुर ग्रामीण विधानसभा से 2013 का चुनाव जीत कर पहली बार राजस्थान की विधानसभा में पहुचने वाले 55 वर्षीय फूलसिंह मीणा ने विधायक बनने के बाद पहले तो दसवीं पास की, फिर 12 वीं पास की और अब कॉलेज पहुंच गए हैं. 7 वीं पास करने के 40 साल बाद जब विधायक जी ने किताब हाथ में ली तो पढ़ाई में ऐसा मन लगा कि अब बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा दे रहे हैं.

चुनावी साल होने के कारण विधायक जी को क्षेत्र में किए गए विकास कार्यो के शिलान्यास और उदघाटन कार्यक्रमों से फुर्सत नहीं मिलती, इसलिए वे कार्यक्रमों में जाते समय कार में ही पढ़ते हैं. विधायक जी की बरसों बाद जगी पढ़ाई की लगन देखकर शहर के मनवाखेड़ा स्कूल के प्रिंसिपल संजय लूणावत इन्हें कार में पढ़ाते हैं. ज्यादातर समय तो लूणावत पाठ्यक्रम का ऑडियो रिकार्ड कर मीणा को भेजते हैं, जिन्हें विधायक जी सुनकर पढ़ते हैं. 

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विधायक मीणा को 7वीं कक्षा के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी थी लेकिन इन्होंने अपनी पांचों बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाई है. इनकी 4 बेटियां स्नातकोत्तर तक पढ़ाई कर चुकी हैं और एक बेटी पुणे में लॉ की पढ़ाई कर रही है. फूल सिंह मीणा ने बीए प्रथम वर्ष में लोक प्रशासन, राजनीति, समाज शास्त्र, और हिंदी को विषय के तौर पर चुना हैं. फूलसिंह मीणा बताते हैं कि विधायक बनने के बाद स्कूलों के कार्यक्रम में बच्चों को भाषण देते वक्त उनके दिमाग में एक बात हमेशा खलती थी  कि वे खुद पढ़े-लिखे नहीं हैं.

लेकिन अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा देना उनके काम आया. आज यही बेटियां अपने सातवीं पास विधायक पिता को न केवल शिक्षित कर रही हैं, बल्कि वे उन्हें अब कॉलेज में भी पहुंचा चुकी हैं. विधायक फूल सिंह मीणा बताते हैं, 'मैं आज गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं. आज से 5 साल पहले मेरे बच्चों ने मुझे प्रेरित किया था कि आप पढ़ाई-लिखाई कर लीजिए. तब मैंने इन लोगों को बोला था कि मेरी उम्र ज्यादा हो चुकी है, मैं कैसे 55 साल की उम्र में पढ़ाई कर सकता हूं . मेरे बच्चों ने मेरी हौसला अफजाई की.'

विधायक मीणा की बेटी दूधी कहती हैं कि हम लोगों को पिताजी ने जब से स्कूल में रखा तब तक हमें यह नहीं पता था कि वे खुद कितना पढ़े लिखे हैं. हम जब थोड़े बड़े हुए तब हमें पता चला कि हमारे पिता सिर्फ 7 वीं पास हैं. हम लोगों ने पिताजी को सिर्फ प्रेरित किया. लेकिन मेहनत उन्हीं की थी कि वे आज ग्रेजुएशन कर रहे हैं.  वहीं विधाक फूल सिंह मीणा का कहना है कि अपनी बेटियों की प्रेरणा से पीएचडी करके ही दम लेंगे.

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