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जब साथी बच्चे कर रहे थे 10वीं की पढ़ाई, तब सम्हिता बनीं इंजीनियर

ये लड़की 16 साल की उम्र में इंजीनियर बन गई. पढ़ें  सफलता की पूरी कहानी... 

Kasibhatta Samhitha (Facebook) Kasibhatta Samhitha (Facebook)

इंजीनियर बनना कई लोगों का सपना होता है और इसके लिए उम्मीदवार काफी मेहनत भी करते हैं. लेकिन तेलंगाना की कासीभट्ट सम्हिता ने उस वक्त यह सपना पूरा कर लिया, जब उनकी उम्र के बच्चे दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे थे. दरअसल उन्होंने 16 साल की उम्र में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग डिग्री (इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक) की डिग्री हासिल की है और तेलंगाना की सबसे छोटी महिला इंजीनियर भी बन गई हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, 16 साल की सम्हिता अपने हमउम्रों से 5 साल आगे हैं. सम्हिता के माता-पिता का कहना है कि उसने महज 3 साल की उम्र में ही दुनिया के सभी देशों की राजधानियों के नामों को याद कर लिया था. वहीं सम्हिता ने उसी उम्र में चौथी क्लास की परीक्षा की पढ़ाई की और 10 साल की उम्र तक उन्होंने हाई स्कूल 8.8 जीपीए के साथ पास की.

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सम्हिता चैतन्य भारती इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CBIT) से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स से इंजिनियरिंग की डिग्री पूरी की है. इससे पहले उनके माता-पिता ने 2014 में तेलंगाना सरकार से अपील की थी उनकी बेटी को 4 वर्षीय प्रफेशनल कोर्स में दाखिले की अनुमति दी जाए और मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने ये कारनामा किया.

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वहीं सम्हिता का कहना है, 'मैंने रटने की बजाय फन और कॉन्सेप्ट आधारित पढ़ाई पर फोकस किया'. मैंने पढ़ाई के साथ ही साथ एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज भी किया और दोनों के बीच बैलेंस बनाए रखा. बता दें कि सम्हिता के पिता एल.एन. कासीभट्ट कंसल्टेंट का काम करते हैं और मां गीता चतुर्वेदुला टेक महिन्द्रा में प्रॉजेक्ट मैनेजर हैं.

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