शनिवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. एक तरफ उन्होंने सरकार पर जांच एजेंसियों का गलत तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया, वहीं दूसरी तरफ यहां तक कह दिया कि अब देश में व्यापारी डरकर रहने को मजबूर हो गए हैं. आजतक के साथ बातचीत में गहलोत ने कई सवालों के जवाब दिए...
सवाल- वल्लभनगर और धरियावद में उपचुनाव होने हैं, क्या उम्मीद है कांग्रेस को?
जवाव- बीजेपी तो वहां मेरे ख्याल से फोर्थ नंबर पर चल रही है, जो मैंने सुना है कि बीजेपी वहां चौथे नंबर पर है वल्लभनगर में, इसलिए वो थोड़ा बौखलाए हुए हैं, तो इसलिए बयानबाजी करते रहते हैं, हम तो अपना काम करते हैं. हम तो अपने कार्यकाल में जो काम हमने किए हैं ढाई साल के अंदर, उन उपलब्धियों के आधार पर बात कर रहे हैं. वल्लभनगर में भी और धरियावद के अंदर भी, अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. उम्मीद है कि दोनों सीटें हम जीत जाएंगे.
सवाल- वाल्मीकि समाज के लोग भी कल आपसे मिले थे भरतपुर वाले?
जवाब- हां वो घटना बहुत अनफॉर्च्युनेट है, यूपी में आप जानते हो कि ऐसी घटनाएं होती रहती हैं. जिस प्रकार से आगरा के पुलिस वाले आकर भरतपुर से उठाकर ले गए, एक मुल्जिम को पकड़ने के लिए उसके ससुराल में जाकर सबको पकड़कर ले गए, ये तरीका गलत है न? तो तलाशी ले ली मकान की आपने, अगर कोई छिपा हुआ हो तो आप पकड़कर ले आओ, कोई दिक्कत नहीं है, परंतु वो अगर नहीं मिला वहां पर तो आप उनके फादर इन लॉ को, मदर इन लॉ को, जो भी साले वगैरह थे परिवार के लोग उनको पकड़कर ले गए.
सवाल- कल आपने क्यों कहा कि मोदी सरकार अभी भी बाज नहीं आ रही है?
जवाब- वो तो पूरे देश के अंदर जहां-जहां चुनाव होते हैं, तो इनका एजेंडा है कि ये ही पहले मैसेज जाते हैं वहां पर अधिकारियों को, सीबीआई को, इनकम टैक्स को, ईडी को किस प्रकार से आपको चुन-चुनकर वहां पर मैसेज देना है कि लोग घबरा जाएं, ये इनकी टैक्टिक्स है. जबसे ये चुनाव जीतकर आए हैं, तब से नई परंपरा शुरू कर दी जो कि अनफॉर्च्युनेट है. आज चाहे इंडस्ट्रियलिस्ट हों, चाहे वो व्यापारी हों, सब लोगों में एक ऐसा माहौल बन गया, मोदी जी को चाहिए कि इस माहौल को दूर करें, डेमोक्रेसी के अंदर अगर प्रेम और मोहब्बत होगी, भाईचारा होगा आपस के अंदर, कॉन्फिडेंस होगा सरकार के प्रति, तब जाकर सुशासन होगा.
सवाल- कोयला और डीएपी के लिए जो दवाब बनाया वो कितना सफल?
जवाब- एक तो आज मिल गई है पर्यावरण की स्वीकृति, आज सुबह ही बात की है मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ से, बघेल साहब से, उनको मैंने कहा है कि आपके वहां भी एक ऐसा ब्लॉक है, उसकी हमें स्वीकृति जल्द ही मिले, उनसे हम नोट मंगवा रहे हैं कि भई आप क्या सोचते हैं, क्या दिक्कत आ रही है आपको? हम केंद्र से बात करेंगे, तो मैंने आज सुबह ही बात की है भूपेश बघेल जी से, मुझे उम्मीद है कि वो हल भी होगा, तो जितनी प्रॉब्लम पूरे उत्तर भारत में हुई थी राज्यों में, उसके मुकाबले में हमने राजस्थान में काफी कुछ कंट्रोल किया
सवाल- आपके दिल्ली से आने के बाद कई अफवाहें आई थीं राहुल गांधी को लेकर कि मीटिंग हुई?
जवाब- अफवाहें तो जब तक मंत्रिमंडल का गठन नहीं होगा, पुनर्गठन नहीं होगा, तब तक अफवाहों के खेल में मीडिया फंस गया है.16 तारीख को मेरी कोई मुलाकात हुई ही नहीं राहुल गांधी जी से, जो हम लोग सुबह मिले थे वर्किंट कमेटी की बैठक में, आई-कैच जरूर हुआ होगा, बाकी मुलाकात कहीं नहीं हुई, शाम को तो सवाल ही पैदा नहीं होता है. मीटिंग हो रही है हमारी एक कमेटी की, जिसमें प्रियंका गांधी जी थीं, केसी वेणुगोपाल जी थे और अजय माकन जी थे.