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अलवर में बढ़ी पानी की किल्लत, जल विभाग के सामने लोगों ने किया प्रदर्शन

राजस्थान के अलवर में पानी की समस्या बढ़ चुकी है. पानी के लिए शहर में हाहाकार मचा हुआ है. शहर में पानी की किल्लत पर जलदाय विभाग के दफ्तर में पार्षदों और शहर के लोगों ने आमरण अनशन शुरू किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पानी के लिए उन्हें चक्कर लगाना पड़ रहा है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है.

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अलवर में छाया जल संकट
अलवर में छाया जल संकट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अलवर में बढ़ी पानी की समस्या
  • लोगों की नहीं सुनी जा रही आवाज
  • पानी के लिए परेशान हैं लोग

राजस्थान के अलवर शहर में पानी की किल्लत विकराल रूप ले चुकी है, पानी के लिए पूरे शहर में हाहाकार मचा हुआ है. शहर में पानी की किल्लत को लेकर गुरुवार को जलदाय विभाग के दफ्तर में पार्षदों और पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने अधिकारियों का घेराव किया. लोगों ने अधिकारियों के दफ्तर में पहुंचकर आमरण अनशन भी शुरू कर दिया.

अलवर के अलग-अलग वार्ड और मोहल्ले में रह लोग लगातार जलदाय विभाग के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. परेशान होकर मनुमार्ग स्थित जलदाय विभाग के एक्सईएन रामजीत मीणा के कार्यालय में निर्दलीय पार्षद अजय पुनिया आमरण अनशन करने बैठ गए. उन्होंने मांग की कि टंकियों को पूरी तरह भरा जाए और क्षेत्र में पानी की सप्लाई पूरी की जाए.

पार्षद अजय पुनिया के साथ बड़ी संख्या में लोग जलदाय विभाग के दफ्तर पहुंचे और अधिकारियों को पानी आपूर्ति पर खूब खरीखोटी सुनाई. लोगों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वे आमरण अनशन पर ही बैठे रहेंगे.

लोगों को अनशन पर बैठे देखकर अधिकारी परेशान होगए. एक्सईएन रामजीत मीणा ने एईएन और जेईएन को बुलाया. उन्होंने निर्देश दिया कि इंद्रा कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र स्थित पानी की टंकियों को भरें और क्षेत्र में पानी की सप्लाई रोकें. जलदाय विभाग के अधिकारियों ने 3 दिन का और समय मांगा है.

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लोगों ने जल विभाग को दिया 3 दिन का वक्त

लोगों ने जल विभाग को चेतावनी दी है कि अगर 3 दिन के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो एक बार फिर से लोग आमरण अनशन पर बैठेंगे. अलवर जिले में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. सरकार के नुमाइंदे कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं. हालात ये हैं कि अब आम जनता सड़क पर उतरने के लिए तैयार है.

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अलवर नगर परिषद के सभी वार्डों के ज्यादातर मोहल्लों और कॉलोनियों में पानी की समस्या बरकरार है. इस दौरान पार्षद भले ही चाहे कांग्रेस का हो या भारतीय जनता पार्टी का सभी पानी की समस्या के लिए जलदाय विभाग के अधिकारियों के  व्यवहार से असंतुष्ट हैं.

नहीं सुनी जा रही जनता की आवाज

वार्ड नंबर 14 के पार्षद धर्मपाल सिंह तवर ने बताया कि जलदाय विभाग कोई सुनवाई करने को तैयार नहीं है. आम जनता पानी के लिए पार्षदों के पास आती है. पानी है नहीं. जलदाय विभाग कोई जवाब नहीं देता है. अगर जलदाय विभाग के पास पानी की समस्या का समाधान नहीं है तो वह हाथ खड़ा कर दें, जिससे कोई दूसरा हथकंडा अपनाया जाए.

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उन्होंने कहा कि 4 महीने पानी की समस्या रहती है, उसी दौरान इन्हें पानी समाधान की बात सूझती है. बाकी का 8 महीने यह निखट्टू होकर ताश खेलते रहते हैं. अगर यह पहले से ही इस मामले में तैयारी करें तो कोई परेशानी नहीं होती.

पानी का अनियमित होना खतरनाक

वार्ड नंबर 10 पहाड़गंज के निवासी यशपाल ने बताया की हर बार गर्मी के मौसम में पानी की समस्या पैदा हो जाती है. 10 साल से यही सिस्टम चला आ रहा है. जलदाय विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते. पानी का अनियमित रूप से वितरण सबसे ज्यादा खतरनाक है. 10 घरों में पानी आता है. पूरे मोहल्ले में पानी नहीं आता. जलदाय विभाग की लापरवाही से हर साल गर्मी के मौसम में पानी की समस्या पैदा हो जाती है.

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एक्सईएन रामजीत मीणा ने बताया कि शहर में बोरवेल में पानी की कमी आने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी नही पहुंच पा रहा है. पार्षद अजय पुनिया आज कुछ समस्या लेकर आये थे उन समस्याओं को जल्द दूर कर दिया जाएगा.

 

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