जहां एक ओर सुप्रीम कोर्ट ने हाइवे पर हादसे रोकने के लिए हाईवे से शराब की दुकानें 500 मीटर दूर हटवाई थीं, वही दूसरी ओर राजस्थान से गुजरने वाले जयपुर-आगरा नेशनल हाइवे 11 हाईवे किनारे पर शराब धड़ल्ले से शराब की दुकान चल रही हैं. हाइवे किनारे शराब की दुकानें अंग्रेजी दवाइयों की दुकानें बना दी गई हैं, तो कहीं खेतों में ऐसा चलता-फिरती शराबखानें खुले हैं, जिसे आप जहां चाहें वहां ले जा सकते हैं.
आजतक ने राजस्थान से गुजरने वाले जयपुर-आगरा नेशनल हाइवे 11 की पड़ताल की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए. राजस्थान सरकार की नाक के नीचे, हाइवे पर इस तरह शराब की दुकानें चल रही हैं. शराब की दुकानें अंग्रेजी दवाइयों की दुकानें की आड़ में चल रही हैं, तो कही हाइवे किनारे पर खेतों में चलता-फिरता शराबखाना खोल दिया है. शराब के दुकानदारों ने हाइवे पर ऐसे-ऐसे बोर्ड लगा रखे हैं मानो किसी समाज सेवा के लिए या फिर अंग्रेजी सिखाने के लिए हों. शराब व्यापारियों का कहना है कि सरकार का दबाव है कि शराब ज्यादा नहीं बेची तो जुर्माना लगेगा, करें क्या.

महुआ से 12 किमी. जयपुर की तरफ खेतों में दुकान लगाने वाले ठेकेदार राम सिंह राजावत ने बताया कि 3000 हजार में खेत किराए पर लिए हैं. और 50 हजार की सड़क बनवाई है, बहुत खर्चा किया है फिर भी ज्यादा लोग नहीं आते हैं.
हाइवे से सटे खेतों में ट्रक ड्राइवर ट्रक खड़ी कर हाइवे से उतरकर खेतों की तरफ जाते दिख जाएंगे. अंग्रेजी हो या देसी आपको यहां पर हर तरह की शराब मिल जाएंगी, पान, चाय के साथ अंडे और नमकीन की दुकान भी साथ में खुली हुई हैं.

गौरतलब है कि दिसंबर 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों और स्टेट हाइवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें हटाने का आदेशा दिया था. साथ ही राजमार्गों के किनारे लगे शराब के सारे विज्ञापन और साइन बोर्ड हटाने का भी आदेश दिया था. लेकिन धरातल पर ऐसा होता नज़र नहीं आ रहा हैं.