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राजस्थान: मां के साथ मिलकर बहू ने सास को जलाया, सोते समय फेंकी माचिस की जलती तीली

राजस्थान के जयपुर के रामगंज में बुजुर्ग महिला को उसकी बहू और बहू की मां ने जिंदा जला डाला. जब सास कमरे में सो रही थी तब आरोपी मां-बेटी ने पहले कूलर बंद किया और फिर जलती हुई माचिस तीली कपड़े पर फेंक दी.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मां के साथ मिलकर बहू ने सास को जलाया
  • 60% झुलसने के बाद हालत गंभीर, बेटा भी फरार

राजस्थान के जयपुर के रामगंज में बुजुर्ग महिला को उसकी बहू और बहू की मां ने जिंदा जला डाला. जब सास कमरे में सो रही थी तब आरोपी मां-बेटी ने पहले कूलर बंद किया और फिर जलती हुई माचिस तीली कपड़े पर फेंक दी. सास को जलाने के बाद बहू अपनी मां के साथ फरार हो गई. 

घटना के बाद से बेटा भी फरार है. बुजुर्ग महिला की उसकी बेटी देखभाल कर रही है. पिछले 17 दिन से महिला अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग 60 फीसदी तक जल गई है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. पुलिस ने भाभी केतिका और उसकी मां के खिलाफ रामगंज थाने में गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज की है.

रामगंज थाने में बुजुर्ग महिला चंद्रकांता (62) की बेटी हेमा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मां और पिता अक्सर बीमार रहते हैं. घरेलू कलह के बाद भाभी केतिका और भाई सामने के मकान में रहने लगे थे. 12 जुलाई को मां चंद्रकांता घर पर थी तो वह भी मां के पास आई थी उसी दौरान सामने के मकान में  रह रहे भाई और भाभी भाई ने मां को अपने घर पर बुला लिया. 

भाई के जाने के बाद मां कमरे में जाकर सो गई. इस दौरान केतिका ने कमरे में चल रहा कूलर बंद कर दिया और माचिस जलाकर तीली सास चंद्रकांता के कपड़ों के डाल दिया. इस दौरान बहू की मां कला देवी भी मौजूद थी.

हेमा ने रिपोर्ट दर्ज कराया है कि आग की लपटों से मां घिर चुकी थी. मां की चीख सुनकर वह दौड़कर वह सामने वाले घर से कमरे में पहुंची और पड़ोसी के भी आ गए. आग को बुझाकर मां को पहले तो एसएमएस अस्पताल लेकर गए. फिर वहां से मालवीय नगर में निजी अस्पताल में भर्ती कराया.

हेमा ने कहा कि साल 2019 में भाई की शादी अंबाला की केतिका से हुई थी. शादी के बाद से ही घर में रोजाना झगड़ा होता था. बाद में बहू ने सास-ससुर व पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का भी मामला दर्ज करा दिया था. 2021 में दोनों परिवारों ने समझौता कर लिया. चंद्रकांता ने अपने दो मकानों में से एक मकान को उन्होंने भाई-भाभी को दे दिया था. दूसरे मकान में मां और पिता रहने लगे थे. मां और पिता की मदद के लिए हेमा आती रहती थी.

 

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