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राजस्थानः झुंझुनू में डैम टूटा,कई गांव और कस्बे जलमग्न हुए

डैम टूटने से किसी व्यक्ति के पानी में डूबने का अभी पता नहीं चल पाया है. डैम से एक किलोमीटर दूर ही मलसीसर कस्बा है. डैम का पानी नहीं रुकने की स्थिति में मलसीसर कस्बे में भी पानी भरने की आशंका से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है.

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डैम टूटा
डैम टूटा

राजस्थान के झुंझुनू जिले के मलसीसर गांव के पास बना राजस्थान की सबसे बहुप्रतीक्षित योजना कुंभाराम आर्य लिफ्ट परियोजना का डैम  शनिवार दोपहर टूट गया. इससे न केवल करोड़ों लीटर पानी बर्बाद हो गया बल्कि पूरा प्रोजेक्ट भी पानी में डूब गया.

डैम टूटने से किसी व्यक्ति के पानी में डूबने का अभी पता नहीं चल पाया है. डैम से एक किलोमीटर दूर ही मलसीसर कस्बा है. डैम का पानी नहीं रुकने की स्थिति में मलसीसर कस्बे में भी पानी भरने की आशंका से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है.

मलसीसर कस्बे के पास कुंभाराम आर्य लिफ्ट परियोजना के पानी स्टोरेज डैम, पंप हाउस, क्लोरिंग हाउस आदि बने हुए हैं. शनिवार दोपहर करीब 1 बजे बड़े वाले डैम में नौ मीटर पानी भरा हुआ था. डैम के ऊपर का पुल अचानक टूट जाने के कारण पानी बाहर आ गया और बेकाबू हो गया. पूरा पानी पंप हाउस व क्लोरिंग हाउस आदि की मशीनरी में घुस गया, जिससे प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है.

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इसके बाद पानी मलसीसर कस्बे की ओर बढ़ गया, जिससे लोगों में हड़कंप मच गया. डैम टूटने की सूचना पर मलसीसर तहसीलदार जीतू सिंह मीणा, मलसीसर थानाधिकारी पन्नालाल गुर्जर मौके पर पहुंच गए.

कुंभाराम लिफ्ट परियोजना के पहले चरण में पिछले तीन माह से झुंझुनू शहर को जलापूर्ति होने लगी थी. एक-दो दिन में मलसीसर कस्बे को इससे पानी दिया जाना था, मगर डैम टूट जाने के कारण अब इस प्रोजेक्ट के तहत तय समय पर पानी मुश्किल ही मिल पाए. परियोजना के तहत मलसीसर, खेतड़ी, झुंझुनू, सीकर शहर समेत 1473 गांवों को पानी दिया जाना है.

इस परियोजना की शुरुआत अगस्त 2013 में हुई थी. 30 जुलाई 2016 तक कार्य पूर्ण होना था. परियोजना का कुल बजट 588 करोड़ रुपये था. यहां बने 11 मीटर गहरे रिजरवायर टैंक की क्षमता 15 लाख क्यूबिक लीटर पानी की है. मलसीसर बिसाऊ मार्ग पर दोनों तरफ 41 हैक्टेयर व 100 हैक्टेयर भूमि पर बनाए गए दो डैम में पानी पूरी तरह भर जाने के बाद कुछ समय के लिए तारानगर हैड कैनाल से यदि पानी की आपूर्ति बंद भी हो जाए तो यहां बने दोनों डैम में स्टोर पानी से कई दिनों तक लोगों की प्यास बुझाई जा सकती है. झटावा रोड पर बने रिजरवायर का क्षेत्रफल 1.5 लाख वर्ग मीटर है. इसमें 15 लाख क्यूबिक लीटर पानी का स्टोरेज रहना था. 

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