कई दिनों से चंपल के बीहड़ में छिपे कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने डकैत पर यह कार्रवाई बाड़ी विधायक गिर्राज मलिंगा को धमकी देने के मामले में की है. जगन गुर्जर की गिरफ्तारी के बारे में सभी जानना चाहते हैं क्योंकि इससे पहले जगहन 4 बार आत्मसमर्पण तो कर चुका है, लेकिन उसे कभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका.
करौली के एसपी शैलेंद्र सिंह इंदौलिया ने जगन की गिरफ्तारी के बारे में तफसील से बताया है. आइए करौली के एसपी शैलेंद्र सिंह इंदौलिया से जानते हैं कि पुलिस ने आखिर कैसे कुख्यात डकैत को गिरफ्तार किया.
जगन पर राजस्थान, एमपी सहित कई राज्यों में 121 मामले दर्ज हैं. विधायक को धमकी देने के वीडियो वायरल होते ही पुलिस गहनता से जगन की तलाश कर रही थी. उसे धौलपुर, करौली और भरतपुर पुलिस की 6 टीमें तलाश कर रही थीं. सर्चिंग पर गई टीम को सोमवार शाम डकैत जगन के मासलपुर डांग क्षेत्र के बीहड़ों में होने की जानकारी मिली. इसके बाद तत्काल ही पुलिस की टीम मासलपुर पहुंच गईं और उसे गिरफ्तार कर लिया. धौलपुर जिले की सीमा में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक डांग का 133 किलोमीटर का क्षेत्र है, जिसमें पुलिस की 6 टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही थीं.
कब-कब किया आत्मसमर्पण
1. साल 2001 में तत्कालीन एसपी बीजू जॉर्ज जोसेफ के सामने उसने समर्पण किया था.
2. 30 जनवरी 2009 को कैमरी गांव के जगन्नाथ मेले में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के सामने समर्पण किया.
3. 19 अगस्त 2018 को तत्कालीन आईजी मालिनी अग्रवाल के सामने समर्पण किया.
4. 28 जून 2019 को एसपी के सामने समर्पण किया था.
वसुंधरा राजे के महल को उड़ाने की दी थी धमकी
गुर्जर आंदोलन के दौरान डकैत जगन गुर्जर ने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के महल को उड़ाने की धमकी दी थी. उस समय जगन पर 11 लाख रुपए का इनाम रखा गया था. जगन उस वक्त सबसे बड़ा इनामी डकैत था. हालांकि, वर्तमान में जगन पर 50 हजार रु. का ही इनाम था. एसपी ने बताया कि जगन की गिरफ्तारी में नादौती थाने के कांस्टेबल राजेश सिंह, कुंवर सिंह तथा भरतपुर के कांस्टेबल पुनीत कुमार की विशेष भूमिका रही.