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पंजाब कांग्रेस में कलह, विधायक बोले- अमरिंदर सरकार के मंत्रियों के कामकाज का हो रिव्यू

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार और विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने  कहा कि पंजाब सरकार में जो मंत्री ठीक से अपना काम नहीं कर रहे हैं और जिनकी परफॉर्मेंस सही नहीं है, उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए.

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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो- PTI)
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो- PTI)

  • पंजाब सरकार पूरी तरह विफल, अब कांग्रेस विधायकों ने भी लगाई मुहर: विपक्ष
  • मंत्री गुरप्रीत कांगड़ बोले- सिर्फ सीएम कर सकते हैं मंत्रियों के कामकाज का रिव्यू

पंजाब में कांग्रेस के विधायकों ने अपनी ही सरकार के मंत्रियों के परफॉर्मेंस रिव्यू करने की मांग की है. साथ ही कहा कि अगर कांग्रेस के मंत्री अपने काम में खरे नहीं उतरें, तो नए विधायकों को मंत्री बनने का मौका दिया जाए. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार और विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मंत्रियों के परफॉर्मेंस रिव्यू की बात उस समय कही है, जब पंजाब में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा जोरों पर है. उनके इस बयान के बाद से नया विवाद खड़ा हो गया है.

कांग्रेस विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि सरकार में जो मंत्री ठीक से अपना काम नहीं कर रहे हैं और जिनकी परफॉर्मेंस सही नहीं है, उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए. जब सीएम के राजनीतिक सलाहकार अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिव्यू करने और ठीक से काम ना करने वाले मंत्रियों को हटाने की मांग उठाई, तो समर्थन में कांग्रेस के कुछ और विधायक भी खुलकर सामने आ गए.

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कांग्रेस विधायक परगट सिंह और कुलदीप वैद्य ने भी अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की हां में हां मिलाते हुए कहा कि पिछले 3 साल में जिन मंत्रियों ने ठीक से परफॉर्म नहीं किया है और अपने मंत्रालय का काम ठीक से नहीं कर सके हैं, उनकी परफॉर्मेंस रिव्यू करके उन्हें पद से हटाकर नए विधायकों को मौका दिया जाना चाहिए.

मंत्रियों की परफॉर्मेंस पर सवाल खड़ा करने वाले कांग्रेस विधायकों को पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत कांगड़ ने याद दिलाया कि पंजाब कैबिनेट और पंजाब सरकार में अगर कोई सबसे बड़ा है, तो वो हैं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, जोकि पार्टी के तमाम विधायकों और मंत्रियों के लिए पिता समान हैं. अगर किसी भी तरह की कोई नाराजगी या मतभेद है, तो इन नाराज विधायकों को कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने जाकर अपनी बात रखनी चाहिए, ना कि मीडिया में इस तरह पब्लिकली बयानबाजी करनी चाहिए.

पंजाब सरकार के मंत्री गुरप्रीत कांगड़ ने कहा कि मंत्रियों की परफॉर्मेंस को रिव्यू करने का अधिकार सिर्फ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास है और वो हर मंत्री व उसके मंत्रालय के कामकाज पर नजर रखते हैं. कांगड़ ने यह भी कहा कि इस तरह से विधायकों को मंत्रियों के काम पर सवाल नहीं उठाने चाहिए.

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पंजाब की कैप्टन सरकार को विपक्ष ने घेरा

जब कांग्रेस के अपने विधायकों और खुद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार ने ही मंत्रियों की परफॉर्मेंस पर सवाल खड़े कर दिए, तो विपक्षी पार्टियों को भी अमरिंदर सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया.

अकाली दल के प्रवक्ता चरणजीत बराड़ ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों ने अपने मंत्रियों की परफॉर्मेंस पर सवाल खड़े करके अपनी सरकार को ही कटघरे में ला दिया है. पर ये बात तो पहले से ही पंजाब की जनता और विपक्षी पार्टियां कह रही हैं कि पंजाब सरकार ठीक से काम नहीं कर रही है और पूरी तरह से फेल रही है. अब खुद उनके विधायकों ने ही मंत्रियों को बदलने की मांग और मंत्रियों की परफॉर्मेस पर सवाल खड़े करके इस बात पर मुहर लगा दी है.

इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने भी पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सूबे की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है. पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता विपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जब पंजाब सरकार के विधायक ही अपने मंत्रियों और सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े कर रहे हैं, तो ऐसे में साफ है कि सरकार पूरी तरह से विफल है.

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इसके साथ ही हरपाल चीमा ने कहा कि पिछले 3 साल में मंत्री पद पर रहते हुए मंत्रियों ने सरकारी संसाधनों की जमकर लूट-खसोट की है. ऐसे में जो विधायक मंत्री नहीं बन पा रहे हैं, उन्हें लगता है कि अब चुनाव आने में सिर्फ दो साल ही बचे हैं और ऐसे में बचे हुए वक्त में उन्हें भी मंत्री पद मिलना चाहिए, ताकि वो भी इसी तरह से सरकारी खजाने और संसाधनों की लूट-खसोट कर सकें.

पंजाब कांग्रेस के कई विधायक पहले से ही अपनी सरकार और कैप्टन अमरिंदर सिंह से बेहद नाराज चल रहे हैं. उनका मानना है कि उनकी ही सरकार में उनकी नहीं सुनी जा रही है और अब यही नाराजगी लगातार धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है. पंजाब में सरकार के कार्यकाल के अब 2 साल ही बचे हैं, ऐसे में नाराज चल रहे विधायकों की कोशिश है कि मंत्रियों की परफॉर्मेस पर सवाल खड़े करके मंत्रिमंडल में एंट्री करने की है. इसी वजह से आए दिन नाराज चल रहे विधायक इस तरह के बयान खुलकर मीडिया के सामने देने में लगे हैं.

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