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कैप्टन के मंत्री ने साथी मंत्री से कहा- काली दवाई ले लो, वीडियो वायरल

पंजाब कैबिनेट की मीटिंग में मंत्री को खांसी आने पर सहयोगी मंत्रियों की ओर से काली दवाई लेने की सलाह को लेकर चारों तरफ चर्चा हो रही है. पंजाब में दरअसल काली दवाई अफीम को कहा जाता है, लेकिन मंत्री जी यह बात किस संदर्भ में कह रहे हैं इसका दावा हम नहीं करते हैं. लेकिन कैबिनेट में मंत्रियों की यह बातचीत पंजाब में चर्चा का विषय बनी हुई है.

कैबिनेट सहयोगियों के साथ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो-PTI) कैबिनेट सहयोगियों के साथ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो-PTI)

  • खांसी आने पर काली दवाई लेने की सलाह
  • वीडियो वायरल होने पर अफसर तलब किए

पंजाब कैबिनेट की मीटिंग में मंत्री को खांसी आने पर सहयोगी मंत्रियों की ओर से काली दवाई लेने की सलाह को लेकर चारों तरफ चर्चा हो रही है. पंजाब में दरअसल काली दवाई अफीम को कहा जाता है, लेकिन मंत्री जी यह बात किस संदर्भ में कह रहे हैं इसका दावा हम नहीं करते हैं. लेकिन कैबिनेट में मंत्रियों की यह बातचीत पंजाब में चर्चा का विषय बनी हुई है.

पंजाब सरकार की 4 दिसंबर को हुई कैबिनेट बैठक का वीडियो राज्य सरकार की तरफ से जारी किया गया था. इस दौरान जब कैमरा मीटिंग के शॉट्स रिकॉर्ड कर रहा था तो मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनकी कैबिनेट के मंत्रियों की काली दवाई को लेकर हुई बातचीत वीडियो में रिकॉर्ड हो गई. वीडियो में कैप्टन अमरिंदर सिंह के कुछ मंत्री काली दवाई के फायदे गिना रहे थे और इस दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके तमाम मंत्री ठहाके लगाते हुए दिखे.

दरअसल, पंजाब में अफीम को काली दवाई कहा जाता है. कैप्टन अमरिंदर सिंह की बगल में बैठे हुए सीनियर मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा मंत्रियों को कह रहे थे कि अगर आपको काली दवाई यानी अफीम चाहिए तो वो राजस्थान से लानी पड़ेगी. हमारे पंजाब में तो काली दवाई मिलना मुश्किल है. वीडियो की शुरुआत में पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सोढ़ी भी काली दवाई के फायदे बता रहे हैं. वह भी वीडियो में काली दवाई को लेकर अपना पक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने रखते हुए दिख रहे हैं.

जिस पर कैप्टन अमरिंदर सिंह कहते हैं कि ऐसा कुछ भी खाया पिया ना करो, जिस पर पूरी कैबिनेट के मंत्री हंसने लगते हैं. ये वीडियो पंजाब सरकार के पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट की तरफ से चंडीगढ़ के तमाम मीडिया को भेज दिए गए थे. वीडियो के वायरल होने के बाद जनसंपर्क विभाग के दो अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है.

दरअसल, पंजाब में जब भी कोई कैबिनेट मीटिंग होती है तो मीडिया को उस कैबिनेट मीटिंग के शॉट्स लेने की अनुमति नहीं दी जाती और पंजाब सरकार के पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट का एक कैमरामैन मीटिंग के कुछ जनरल शॉट्स लेता है और बाद में वो शॉट्स मीडिया को जारी कर दिए जाते हैं. लेकिन इस बिना एडिट किए वीडियो को मीडियो को बढ़ा दिया गया और अनौपचारिक बातचीत भी सामने आ गई.

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