कनाडा में भारतीय मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैंसी ग्रेवाल की हत्या ने न केवल वहां की भारतीय कम्युनिटी, बल्कि पंजाब में उनके परिवार और जानने वालों को भी झकझोर कर रख दिया है. लुधियाना के नारंग गांव से ताल्लुक रखने वाली नैंसी ग्रेवाल की मंगलवार देर शाम कनाडा के विंडसर के लासाल कस्बे में चाकू मारकर हत्या कर दी गई. घटना उस समय हुई, जब वह एक मरीज को देखने के बाद घर के बाहर निकली थीं.
परिवार को इस वारदात की जानकारी अगले दिन मिली. नैंसी की मां सुंदर पाल ग्रेवाल लगातार अपनी बेटी के साथ हुई इस निर्मम हत्या को लेकर कई गंभीर आरोप लगा रही हैं. उनका कहना है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि उनकी बेटी को पहले से निशाना बनाया जा रहा था.
'मेरी बेटी सच बोलती थी, इसलिए दुश्मनी हो गई'
नैंसी की मां के मुताबिक, उनकी बेटी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती थी और अक्सर समाज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बोलती थी. उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों के साथ उनकी बेटी की दुश्मनी भी इसी वजह से हुई थी.

मां का कहना है कि कुछ लोगों के साथ उनकी बेटी का विवाद चल रहा था. आरोप है कि एक जगह पर राशन चोरी की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद वहां सीसीटीवी कैमरे लगवाने में नैंसी ने भूमिका निभाई थी.
नैंसी की मां के मुताबिक, इसी बात को लेकर कई लोग उससे नाराज हो गए थे. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को कई बार माफी मांगने के लिए दबाव डाला गया, लेकिन नैंसी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया.
सोशल मीडिया पर भी मिलती थीं धमकियां
मां का कहना है कि नैंसी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी. यदि कोई उस पर गलत टिप्पणी करता, तो वह उसका जवाब देने से पीछे नहीं हटती थी.
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मां ने बताया कि कई बार उन्होंने बेटी को समझाया कि सोशल मीडिया पर विवाद से बचना चाहिए, लेकिन नैंसी का कहना था कि अगर कोई उसे गलत कहेगा तो वह चुप नहीं रहेगी.

हालांकि पिछले करीब तीन महीनों से नैंसी ने सोशल मीडिया पर कोई नया वीडियो पोस्ट नहीं किया था. मां के अनुसार, वह इस दौरान अपने काम में काफी व्यस्त थी.
नर्स के रूप में काम करती थी नैंसी
45 साल की नैंसी ग्रेवाल पेशे से नर्स थी और कनाडा में दो कंपनियों में काम कर रही थी. नैंसी की मां के मुताबिक, वह रोजाना करीब 16 घंटे तक काम करती थी.
नैंसी की निजी जिंदगी भी आसान नहीं रही थी. उनका पहले ही तलाक हो चुका था और तलाक के बाद नैंसी ने दोबारा शादी नहीं की. परिवार के मुताबिक, वह पूरी तरह अपने काम और जीवन को संभालने में जुटी हुई थी.
कैसे हुई हत्या?
नैंसी की मां के अनुसार, हत्या वाले दिन वह एक मरीज को देखने के लिए गई थी. जब वह मरीज के घर से बाहर निकली, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया.

मां का आरोप है कि यह पूरी तरह से एक साजिश थी. उन्होंने बताया कि जिस जगह पर यह हमला हुआ, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था. उनका दावा है कि हमलावरों ने नैंसी पर बेरहमी से चाकू से हमला किया. मां के अनुसार, उनकी बेटी के पेट में करीब 18 बार चाकू मारा गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नैंसी की जुबान तक काट दी गई थी.
मां ने बताया कि जब पहली बार नैंसी पर हमला हुआ तो उसने बचने की कोशिश की. वह वहां से भागकर पास के जंगल की ओर चली गई, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा किया और वहीं उसकी हत्या कर दी.
दो महीने पहले घर में लगाई गई थी आग
नैंसी की मां ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले नैंसी के घर में आग लगा दी गई थी. यह घटना सुबह करीब चार बजे हुई थी. उस समय भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी और पुलिस मौके पर पहुंची थी.
मां का आरोप है कि इस घटना के बाद भी नैंसी को लगातार धमकियां मिलती रहीं. कई बार उसके घर पर धमकी भरे कागज भी फेंके गए. परिवार का कहना है कि हर बार पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

घर की पहले की गई थी रेकी
नैंसी की मां का दावा है कि उनकी बेटी को मारने की साजिश पहले से रची जा रही थी. उन्होंने कहा कि हत्यारों ने पहले नैंसी के घर की रेकी भी की थी. लेकिन वहां सीसीटीवी कैमरे लगे होने के कारण वे घर के अंदर हमला करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए. मां के अनुसार, यही कारण है कि बाद में उसे घर से बाहर निकलने के दौरान निशाना बनाया गया.
गोल्ड विवाद भी बताया कारण
मां ने बताया कि एक अन्य विवाद भी सामने आया था, जिसे वह 'गोल्ड मैटर' बता रही हैं. उनका कहना है कि एक गरीब परिवार ने नैंसी से मदद मांगी थी और सोना दिलवाने के लिए कहा था. नैंसी ने इस मामले में कुछ लोगों से संपर्क किया, लेकिन बाद में वही लोग उसके खिलाफ हो गए. मां का आरोप है कि इसी विवाद के चलते पहले उसके घर में आग लगाई गई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई.

मां ने उठाई सुरक्षा की मांग
नैंसी की हत्या के बाद उनकी मां सुंदर पाल ग्रेवाल ने भारत और कनाडा दोनों देशों की सरकारों से न्याय की गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की हत्या बेहद निर्ममता से की गई है और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
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मां का कहना है कि उन्हें खुद भी अब अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है. उन्होंने मांग की है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो.
शव को देखने कनाडा जाएंगी मां
परिवार के अनुसार, फिलहाल नैंसी का शव कनाडा में मोर्चरी में रखा गया है. मां ने बताया कि वह जल्द ही कनाडा जा रही हैं, ताकि अपनी बेटी के शव को देख सकें और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर सकें. उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनकी बेटी मेहनती और साहसी थी. उसने जीवन में कई मुश्किलों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी. अब सभी की नजर कनाडा पुलिस की जांच पर टिकी हुई है कि आखिर इस वारदात के पीछे कौन लोग थे और नैंसी ग्रेवाल को इतनी बेरहमी से क्यों मारा गया.