scorecardresearch
 

जानवरों का झुंड लेकर डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस पहुंचे किसान, जानिए क्या है माजरा?

पंजाब के संगरूर डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के बाहर का नजारा किसी पशु मेले से कम नहीं लग रहा था. आवारा जानवरों से परेशान किसान भारी संख्या में पशुओं को ट्रॉली में भरकर डिप्टी कमिश्नर दफ्तर पहुंच गए. इस दौरान उन्होंने अपनी समस्या सुनाई. किसानों ने कहा कि हर बार भरोसा मिलता है लेकिन समस्या का समाधान नहीं. इस बार समाधान नहीं मिला तो जानवरों को यहीं छोड़कर जाएंगे.

Advertisement
X
डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के बाहर का नजारा
डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के बाहर का नजारा

पंजाब के संगरूर डिप्टी कमिश्नर दफ्तर में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब किसान आवारा जानवरों को ट्रॉली में भरकर वहां पहुंच गए. किसानों ने कहा कि ये जानवर हमारी फसलों को बर्बार कर देते हैं. अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इनको यहीं छोड़कर जाएंगे. 

मामला संगरूर के चिंगार गांव का है. यहां आवारा जानवरों को भरकर लाए किसान मेजर सिंह और धन्ना सिंह का कहना है कि इन जानवरों की वजह से वो बर्बाद हो रहे हैं. गांव में आवारा जानवरों की संख्या बहुत है. खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है. उसको जानवर बर्बाद कर रहे हैं. इतना ही नहीं, इनकी वजह से एक्सीडेंट भी होते हैं.

Farmers with stray animals

इसलिए ट्रॉली में भरकर लाए हैं

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ किसानों ने खेतों की रखवाली के लिए लोगों ने रखा है. ये लोग आवारा जानवरों को पकड़कर दूसरों के खेतों में छोड़ देते हैं. डिप्टी कमिश्नर जिले के मालिक हैं. इसीलिए हम आवारा जानवरों को ट्रॉली में भरकर उनके पास लेकर आए हैं. 

Farmers with stray animals

भरोसा मिलता है, समस्या का समाधान नहीं

फिलहाल, डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस पहुंचे किसानों को प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया और कहा गया कि पास के एक गांव में गौशाला है. वहीं, इन जानवरों को छोड़ा जाएगा. लेकिन किसानों का कहना है कि वो पहले भी तीन बार आ चुके हैं, लेकिन हर बार भरोसा मिलता है, समस्या का समाधान नहीं. 

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement