चंडीगढ़ नगर निगम में आज 29 जनवरी को मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए चुनाव होगा. इस बार बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों अकेले चुनाव लड़ रहे हैं. फिलहाल तो बीजेपी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है लेकिन अगर कांग्रेस और AAP हाथ मिला लेते हैं तो यह मुकाबला बेहद रोचक हो जाएगा.
बता दें कि मेयर पद के लिए बीजेपी ने सौरभ जोशी, कांग्रेस ने गुरप्रीत सिंह गब्बी और आम आदमी पार्टी ने योगेश ढींगरा को उम्मीदवार बनाया है. वहीं सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए बीजेपी से जसमनप्रीत सिंह, कांग्रेस से सचिन गलाव और आम आदमी पार्टी से मनुआर खान मैदान में हैं. डिप्टी मेयर पद के लिए बीजेपी की ओर से सुमन शर्मा, कांग्रेस से निर्मला देवी, आम आदमी पार्टी से जसविंदर कौर और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर रामचंदर यादव चुनाव लड़ रहे हैं.
मेयर पद जीतने के लिए चाहिए 19 वोट
मेयर पद जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 19 वोटों की जरूरत होगी. नगर निगम में बीजेपी के 18 पार्षद हैं, कांग्रेस के 6 और आम आदमी पार्टी के 11 पार्षद हैं. सांसद का भी एक वोट होता है. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस-AAP गठबंधन के पास 18-18 वोट हो जाते हैं.
हाथ उठाकर हो सकता है फैसला
अगर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ती हैं तो बीजेपी को बढ़त मिल सकती है, लेकिन दोनों के साथ आने पर मुकाबला बेहद रोचक हो जाएगा. नगर निगम अधिनियम के अनुसार बराबरी की स्थिति में टॉस के जरिए फैसला किया जा सकता है. इस बार चुनाव हाथ उठाकर मतदान के जरिए कराया जाएगा.
चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 सीटें हैं और यहां 2022 में नगर निगम चुनाव हुए थे. उस चुनाव में आम आदमी पार्टी के 14 और भाजपा के 12 पार्षद जीतकर आए थे, जबकि बाकी सीटों पर कांग्रेस और अकाली दल के पार्षद चुने गए थे.
मजबूत स्थिति में बीजेपी
हालांकि बीते चार सालों में राजनीतिक समीकरण काफी बदल गए हैं. दिसंबर 2025 में आम आदमी पार्टी के दो पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने से नगर निगम की तस्वीर पूरी तरह बदल गई. बहुमत न होने के बावजूद बीजेपी ने पिछले चार कार्यकालों में से तीन बार मेयर चुनाव जीत लिया, जिसकी बड़ी वजह क्रॉस-वोटिंग रही. मौजूदा हालात में बीजेपी की स्थिति पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत मानी जा रही है.