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'पंजाब में झूठ बोलकर हरियाणा की नाकामी छुपा रहे हैं CM नायब...', AAP नेता अनुराग ढांडा का हमला

आम आदमी पार्टी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पंजाब में दिए गए बयानों पर तीखा हमला बोला है. AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि पंजाब की धरती से दिए गए बयान झूठे, मनगढ़ंत और हरियाणा में बीजेपी सरकार की विफलताओं और घोटालों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं.

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AAP नेता अनुराग ढांडा ने हरियाणा की बीजेपी सरकार पर हमला बोला.
AAP नेता अनुराग ढांडा ने हरियाणा की बीजेपी सरकार पर हमला बोला.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा पंजाब में दिए गए बयानों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती पर खड़े होकर दिए गए ये बयान ना सिर्फ तथ्यों से परे हैं, बल्कि हरियाणा में बीजेपी सरकार की नाकामियों और घोटालों से जनता का ध्यान हटाने की सुनियोजित कोशिश हैं.

अनुराग ढांडा ने कहा कि बाढ़, किसानों के मुआवजे और मजदूरों की मदद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है. जो सरकार अपने राज्य में पीड़ित किसानों और मजदूरों को उनका हक नहीं दे पाई, उसे दूसरे राज्यों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में दिए बयान में सीएम नायब सिंह ने खुद स्वीकार किया है कि दिल्ली में बीजेपी सरकार आने के बाद मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए गए, जिससे साफ है कि बीजेपी जनता को सुविधाएं देने के बजाय उन्हें खत्म करती है.

AAP नेता ने हरियाणा श्रम विभाग में सामने आए करीब 1500 करोड़ रुपये के वर्क-स्लिप घोटाले का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में करीब 6 लाख वर्क-स्लिप की जांच हुई, जिनमें से 5.46 लाख से ज्यादा फर्जी पाई गईं. यानी 90 प्रतिशत से अधिक गड़बड़ी सामने आई. 2.21 लाख पंजीकरण में से केवल 14,240 ही सही पाए गए. फर्जी मजदूरों के नाम पर मातृत्व लाभ, शिक्षा सहायता और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं से प्रति व्यक्ति औसतन 2 से 2.5 लाख रुपये निकाले गए, जबकि असली मजदूर आज भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.

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अनुराग ढांडा ने कहा कि यह घोटाला किसी एक कर्मचारी की गलती नहीं, बल्कि एक संगठित भ्रष्ट तंत्र का नतीजा है, जिसे राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था. उन्होंने कहा कि 2014 से 2024 तक हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री रहे और मार्च 2024 के बाद नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री बने, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बावजूद भाजपा सरकार का चरित्र नहीं बदला. खट्टर से सैनी तक घोटाले अपवाद नहीं, बल्कि शासन की कार्यशैली का हिस्सा बने रहे.

उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में हरियाणा में 20 से ज्यादा बड़े घोटाले सामने आए हैं. CAG रिपोर्ट, अदालतों की टिप्पणियां, ईडी और विजिलेंस की जांच और दर्ज एफआईआर इस बात की पुष्टि करती हैं कि हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. खनन क्षेत्र में लूट इसका बड़ा उदाहरण है. नूंह जिले में अवैध खनन से 2000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का आकलन सामने आया है, जहां अरावली की पहाड़ियों से 80 करोड़ टन से ज्यादा खनिज निकाला गया. भिवानी के दादम क्षेत्र में करीब 1200 करोड़ रुपये के नुकसान की पुष्टि जांच एजेंसियों ने की और 2022 की लैंडस्लाइड में सात मजदूरों की जान गई.

CAG रिपोर्ट के मुताबिक, अरावली क्षेत्र में अवैध खनन और रॉयल्टी चोरी से 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ, जबकि NGT को 66 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाना पड़ा. यमुनानगर में 2025 के दौरान अवैध खनन के 860 से ज्यादा मामले दर्ज हुए, फिर भी माफिया बेखौफ रहे.

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अनुराग ढांडा ने कहा कि किसानों के नाम पर पैडी प्रोक्योरमेंट में भी भारी घोटाला हुआ. 2025 में करनाल समेत कई जिलों में दर्ज एफआईआर से सामने आया कि एक ही मिल में 24,431 क्विंटल पैडी, जिसकी कीमत करीब 6.31 करोड़ रुपये थी, कागजों से गायब पाई गई. फर्जी गेट पास और दूसरे राज्यों की सस्ती पैडी को एमएसपी पर दिखाकर कुल नुकसान 4000 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया. किसान भुगतान के लिए भटकता रहा, जबकि माफिया और मिल मालिक सुरक्षित रहे.

उन्होंने कहा कि भर्ती घोटालों ने हरियाणा के युवाओं का भविष्य तबाह किया. 2014 से 2024 के बीच HTET, HSSC, HPSC और पुलिस भर्ती सहित 20 से ज्यादा घोटाले सामने आए. 29 से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं और कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं. 2025 में फर्जी भर्ती वेबसाइट के जरिए युवाओं से ठगी का मामला भी सामने आया, जिससे साफ है कि भ्रष्ट नेटवर्क आज भी सक्रिय है.

AAP नेता ने कहा कि इन घोटालों का सीधा असर हरियाणा की आर्थिक हालत पर पड़ा है. 2014 के बाद राज्य पर कर्ज बढ़कर 2024-25 तक करीब 4 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इतना कर्ज लिया गया तो वह पैसा गया कहां, क्योंकि न सरकारी स्कूलों की हालत सुधरी, न अस्पतालों की, न किसानों की आय बढ़ी और न युवाओं को स्थायी रोजगार मिला.

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अनुराग ढांडा ने कहा कि इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पंजाब में जाकर बाढ़ मुआवजे और केंद्र की मदद पर भाषण देना पूरी तरह पाखंडपूर्ण है. जब हरियाणा में हजारों एकड़ फसल बर्बाद हुई, सैकड़ों गांव प्रभावित हुए और किसानों को समय पर पूरा मुआवजा नहीं मिला, तब मुख्यमंत्री चुप रहे. इसके उलट, पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार ने फसल नुकसान पर प्रति एकड़ 20 हजार रुपये तक मुआवजा, मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता और पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए सीधे खातों में भुगतान सुनिश्चित किया.

उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि किसने संकट में काम किया और किसने सिर्फ बयानबाज़ी की. AAP ने मांग की कि 2014 से अब तक श्रम, खनन, पैडी प्रोक्योरमेंट, भर्ती और अन्य सभी बड़े घोटालों की निष्पक्ष जांच CBI या हाईकोर्ट की निगरानी में कराई जाए. इसके साथ ही अरावली और नदियों को बचाने के लिए सख्त और पारदर्शी खनन नीति लागू की जाए और 4 लाख करोड़ रुपये के कर्ज पर श्वेत पत्र जारी किया जाए.

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