मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचा 'पंचायत आजतक'. जहां शिरकत की दो साहित्यकारों ने. पहले थे- कवि, लेखक और पत्रकार राजेश जोशी और दूसरे थे- शायर मंजर भोपाली. मंच से कवि राजेश जोशी ने सरकार पर विकास के नाम शहर की सभ्यता और संस्कृति बर्बाद करने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने कविता के माध्यम से भोपाल की गलियों का सजीव चित्रण कर गुजरे हुए दौर को दर्शकों के जेहन में उतार दिया.
Madhya Pradesh old Bhopal in peoms by litterateur Rajesh Joshi in Panchayat Aaj Tak