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Gyanvapi Survey Row: ज्ञानवापी को मस्ज‍िद कहना तो मुस्ल‍िमों के ल‍िए नाजायज: उमा भारती

Gyanvapi Survey Row: ज्ञानवापी को मस्ज‍िद कहना तो मुस्ल‍िमों के ल‍िए नाजायज: उमा भारती

देश की निगाह ज्ञानवापी पर है. ज्ञानवापी पर अदालती युद्ध तेज है. सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई है. हिंदू पक्ष का सबसे बड़ा दावा मस्जिद की पश्चिमी दीवार को लेकर है, दावा यही है कि अगर ज्ञानवापी मस्जिद है तो उसकी पश्चिमी दीवार की बनावट सनातन शैली जैसी क्यों हैं. कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह की सर्वे रिपोर्ट में पश्चिमी दीवार को लेकर कई बड़े फैक्ट कलमबंद किए गए हैं. लेकिन ज्ञानवापी पर चल रही सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी सिलसिले में मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का कहना है कि ज्ञानवापी को मस्ज‍िद कहना तो मुस्ल‍िमों के ल‍िए नाजायज है. देखें इस वीडियो में.

The eyes of the country are on Gyanvapi. There is hearing in the Supreme Court today. The biggest claim of the Hindu side is about the western wall of the mosque, the claim is that if there is a Gyanvapi mosque, then why is the structure of its western wall like the Sanatan style. In the survey report of Court Commissioner Vishal Singh, many big facts have been penned regarding the western wall. But the politics going on Gyanvapi is still on. In this connection, former Chief Minister of Madhya Pradesh Uma Bharti says that calling Gyanvapi a mosque is illegitimate for Muslims. Watch in this video.

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