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कौन हैं शायनी घोष, और त्रिपुरा में उनके प्रोटेस्ट-गिरफ्तारी को लेकर क्यों मचा है बवाल?

साल 2010 से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखकर राजनीति में आने वाली शायनी घोष (Saayoni Ghosh) तब अचानक सुर्खियों में आई थीं, जब 2015 में उन्होंने एक आपत्तिजनक ट्वीट कर दिया था. यह ट्वीट वायरल हो गया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगी थीं. अब एक बार फिर शायनी अपनी गिरफ्तारी को लेकर चर्चा में हैं. आइए जानते हैं विस्तार से कि क्यों मचा है.

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सायानी घोष (फोटो साभार: फेसबुक) सायानी घोष (फोटो साभार: फेसबुक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • साल 2015 में ट्वीट कर सुर्खियों में आई थीं शायनी
  • आपत्तिजनक ट्वीट पर दर्ज किया गया था केस

तृणमूल कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई की युवा शाखा की अध्यक्ष शायनी घोष के प्रदर्शन और उनकी गिरफ्तारी पर बवाल मचा हुआ है. तृणमूल कांग्रेस की यूथ प्रेसिडेंट शायनी घोष (Tmc youth president Saayoni Ghosh) को रविवार को हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. इस मामले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली का रुख किया ​है. खबर ये भी है कि ममता बनर्जी भी दिल्ली पहुंच रही हैं.

दरअसल, शनिवार रात को मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब एक नुक्कड़ सभा कर रहे थे. इसी दौरान शायनी वहां से गुजरीं. शायनी पर आरोप है कि उनके साथ मौजूद लोगों ने मुख्यमंत्री की सभा में पथराव कर दिया. इसी के साथ धमकी भी दी गई. उनकी गिरफ्तारी के बाद पार्टी एक्शन मोड में आ गई है. वहीं पुलिस घोष से पूछताछ कर रही है.

बंगाल के बाद त्रिपुरा में चल रहा है बीजेपी और टीएमसी के बीच घमासान

पश्चिम बंगाल की तरह त्रिपुरा में भी लंबे समय से राजनीतिक हिंसा चल रही है. टीएमसी और बीजेपी दोनों पार्टियां एक—दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रही हैं. बीते दिनों टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो ने भी बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले पर पत्थरबाजी की. इस मामले को लेकर बाबुल सुप्रियो ने एक ट्वीट किया था. जिसमें लिखा गया था कि बीजेपी को लोगों की पीठ में छुरा घोंपने की आदत है. बता दें ​कि बाबुल सुप्रियो ने भारतीय जनता पार्टी को बंगाल की आसनसोल सीट से जिताया था. मगर अब बाबुल ने भारतीय जनता पार्टी से अपना नाता नहीं रखा है.

कौन हैं शायनी घोष?

शायनी घोष का जन्म 27 जनवरी 1993 को हुआ. बंगाली फिल्मों और टेलीविजन में भी अभिनय किया है. वह सिंगर भी रहीं. और अब राजनीति में सक्रिय हैं. शायनी के एक्टिंग करियर की शुरुआत एक टेलीफिल्म 'इच्छे दाना' के साथ हुई थी, बड़े पर्दे पर उन्होंने 'नोटोबोर नॉटआउट' फिल्म में एक छोटा रोल करने के साथ कदम रखा था. 

कई ​बंगाली फिल्मों में निभाई मुख्य भूमिका

इसके बाद उन्होंने राज चक्रवर्ती की शोत्रु में कुछ सीनियर अभिनेताओं के साथ काम किया. राज चक्रवर्ती के दैनिक धारावाहिक प्रोलॉय आशे में एक पत्रकार की भूमिका निभाई. शायनी घोष ने कनामाची, अंतराल, एकला चोलो, बिटनून, मेयर बाय, राजकाहिनी फिल्में शामिल हैं. जनवरी 2021 में तथागत रॉय द्वारा हिंदू भावनाओं को आहत करने के लिए उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया. इस मामले के साथ शायनी सुर्खियों में आ गईं. शायनी ने लाइव टेलीकास्ट के दौरान जलसा मूवीज के लिए 2013 और 2014 में कलकत्ता फुटबॉल लीग की सह-मेजबानी भी की.

मार्च 2021 में लड़ा था विधानसभा चुनाव

मार्च 2021 में शायनी घोष को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आसनसोल दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र के लिए अभा तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार घोषित किया गया, लेकिन शायनी इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अग्निमित्र पॉल से हार गईं. इसके बाद अभिषेक बनर्जी को पद से ह​टाए जाने के बाद जून-2021 में शायनी को "तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा के अध्यक्ष" के रूप में नियुक्त किया गया.

टीएमसी नेता कुणाल घोष इस मामले में कहते हैं कि त्रिपुरा में जंगलराज चल रहा है. पुलिस के सामने ही हमें पीटा जाता है, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कहती है. वहीं बीजेपी के नेताओं का कहना है कि जनता इन दिनों टीएमसी के नेताओं से बेहद नाराज चल रही है.

त्रिपुरा सरकार पर बनर्जी ने लगाए थे कई गंभीर आरोप

टीएमसी नेता शायनी को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के दौरे से 24 घंटे पहले हिरासत में लिया गया. मामले में पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि पूर्वी अगरतला महिला पुलिस थाने के बाहर टीएमसी कार्यकर्ताओं से बीजेपी समर्थकों ने धक्का-मुक्की की. अभिषेक बनर्जी ने अपने ट्वीट में त्रिपुरा की भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सियासी दलों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है.

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