संसद की नई इमारत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार चल रही हैं. अब केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के बीच ट्विटर वॉर शुरू हो गई है. दिग्विजय सिंह ने आर्थिक संकट के दौर में नई बिल्डिंग पर पैसा खर्च करने को गलत करार दिया है, साथ ही यह भी सवाल उठाया कि इस मसले पर चर्चा क्यों नहीं की गई. दिग्विजय के तमाम सवालों पर हरदीप पुरी ने पलटवार किया है.
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सिलसिलेवार तरीके से कई ट्वीट किए और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर दिग्विजय सिंह को जवाब दिए. हरदीप पुरी ने दिग्विजय के ट्वीट को 'आलसी विपक्ष' का क्लासिक उदाहरण बताया. उन्होंने लिखा, ''अगर दिग्विजय सिंह ने कुछ होमवर्क कर लिया होता और अपने तथ्य चेक कर लिए होते तो उन्हें पता चलता कि नई संसद बिल्डिंग का प्रस्ताव तब भी था जब उनकी पार्टी सत्ता में थी.
इसके अलावा हरदीप सिंह पुरी ने दिग्विजय के उन ट्वीट्स के जवाब भी दिए जिनमें बिल्डिंग का निर्माण करने वाली कंपनी और निर्माण की पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल किए गए थे. दिग्विजय ने पूछा था कि ''इसकी चर्चा संसद में क्यों नहीं की गई? आर्किटेक्ट कौन है? उसे कैसे चुना गया है? उसकी साख क्या है? ये पूरा आइडिया सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? प्रधानमंत्री ने बड़े टाउन प्लानर्स की कमेटी सेटअप क्यों नहीं की?''
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प्रोजेक्ट से जुड़े दिग्विजय सिंह के इस तरह के तमाम सवालों के जवाब हरदीप सिंह पुरी ने दिए. पुरी ने अपने ट्वीट में बताया कि प्रोजेक्ट के लिए दो स्तरीय बिडिंग की प्रक्रिया पूरी की गई है जिसमें विस्तार से सभी चीजें बताई गई हैं. देशभर की 6 प्रतिष्ठित फर्म ने अपने टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड जमा कराए जिनमें से 4 ने क्राइटेरिया को पूरा किया.
Classic case of a lazy opposition!
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) December 22, 2020
If Sh @digvijaya_28 had done some homework & checked his facts, he would have discovered that the proposal for the New Parliament Building had been around even when his party was in power. pic.twitter.com/My9uLvh3sD
हरदीप पुरी ने ये भी बताया कि एक्सपर्ट्स की एक ज्यूरी ने प्रस्ताव की स्क्रीनिंग भी की है और तमाम मानकों पर खरा उतरने वाली HCP डिजाइन, प्लानिंग और मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को काम दिया गया है.
कीमत पर भी दिया जवाब
कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कोरोना काल के बीच उपजे आर्थिक संकट के दौर में भी नई बिल्डिंग पर खर्च की जा रही बड़ी रकम को लेकर भी सवाल उठाए थे. हरदीप पुरी ने कीमत को लेकर भी जवाब दिया. उन्होंने नेहरु-गांधी की समाधियों के करोड़ों के खर्च को याद दिलाते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह को संसद की बिल्डिंग पर खर्च हो रहे 971 करोड़ रुपये से समस्या है.
गौरतलब है कि दिल्ली में संसद की नई बिल्डिंग बन रही है. पीएम मोदी ने 10 दिसंबर को नए संसद भवन की नींव रखी, जिसमें आधुनिक सुख सुविधाएं होंगी. भूमि पूजन और सर्वधर्म प्रार्थना के बाद पीएम मोदी ने कहा था कि आज का दिन ऐतिहासिक है और मील का पत्थर साबित होगा.
नया संसद भवन 64500 स्क्वायर मीटर में बनाया जाएगा, जो चार मंजिल का होगा और इस प्रस्तावित खर्च 971 करोड़ रुपये है. ये संसद भवन 2022 तक तैयार किया जाएगा.